श्री पटवारी ने कहा कि परिसीमन जातिगत जनगणना के बाद 2023 में पास हो गया था तो फिर नए शिरे से यह तूफान क्यों मचाया गया। देश का कर्ज लेकर पैसा क्यों व्यय किया गया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तिलिस्म टूट चुका है।
श्री पटवारी ने कहा कि परिसीमन जातिगत जनगणना के बाद 2023 में पास हो गया था तो फिर नए शिरे से यह तूफान क्यों मचाया गया। देश का कर्ज लेकर पैसा क्यों व्यय किया गया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तिलिस्म टूट चुका है।
जीतू पटवारी ने कहा कि ओबीसी के साथियों सरकार ने आप लोगों के साथ कितना बड़ा धोखा किया है। इन्हें समय पर सबक सिखाना है।
धरने का समापन करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि, सरकार ने 2700 प्रति क्विंटल खरीदी का वादा किया था, मगर आज किसान का एमएसपी पर गेहूं खरीदा नहीं जा रहा है। लिहाजा बाजार में 1800 रु तक गेहूं बेचने को मजबूर है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों से सीधा सवाल किया कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिन्होंने देश के सबसे प्रशिक्षित, अनुशासित और साहसी अधिकारियों को रक्षात्मक मुद्रा में ला खड़ा किया है?
जीतू पटवारी ने आंकड़ों के साथ सरकार की मंशा पर उठाए गंभीर सवाल।
श्री पटवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “अगर उस पत्र में लिखी गई बातें गलत हैं, तो सरकार को चाहिए कि वह बिना भेदभाव के हर उस व्यक्ति पर FIR दर्ज करे, जिसने उसे साझा किया है। लेकिन यदि उसमें सच्चाई है, तो उसे दबाने का प्रयास बंद किया जाए और देश की जनता के सामने पूरी पारदर्शिता के साथ तथ्य रखे जाएं।
श्री पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या यही “कृषि कल्याण वर्ष” की सच्चाई है, जहां पहले खरीदी में देरी की गई और अब स्लॉट बुकिंग में तकनीकी अड़चनें खड़ी कर किसानों को उनकी ही उपज बेचने से रोका जा रहा है।
इस अवसर पर श्री पटवारी ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके बताए रास्ते सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समानता पर चलने का संकल्प लें।
दिग्विजय सिंह से मुलाकात पर जीतू पटवारी ने कहा कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लगातार मार्गदर्शन लेते रहते हैं। राज्यसभा, संगठन और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई है।
जीतू पटवारी ने कहा कि मैं और मेरे पिताजी भी कृषि करते आये हैं। इसीलिए मैं कृषि की उन्नत तकनीक देखने विदिशा जा रहा था।
समर्थन मूल्य पर खरीद में 20 दिन की देरी बनी किसानों के लिए काल, समय पर भुगतान न मिलने से संकट गहराया। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने सीएम को पत्र लिख फसल ऋण चुकाने की समय-सीमा तत्काल बढ़ाने और दंडात्मक ब्याज माफ करने की मांग की।
पहले कफ सिरप से मौत, उसके बाद गंदे पानी से त्रासदी और अब NICU में चूहे। पटवारी ने कहा कि इन सभी घटनाओं में एक समान पैटर्न दिखाई देता है।
जीतू पटवारी ने कहा कि यूरिया और DAP की कमी सरकार की नाकामी है। जबकि वजन कम कर किसानों पर बोझ बढ़ाया गया है। पटवारी ने ट्रांसफर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि वल्लभ भवन की पांचवीं मंजिल पर लेन-देन हो रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि 16 डिग्री के AC कमरे में बैठने वाले मुख्यमंत्री जी को 40 डिग्री की चिलचिलाती धूप में पसीना बहाते किसान नज़र नहीं आते। लेकिन हम हर गाँव, हर मंडी जाकर किसानों की समस्याएं मोहन यादव जी को सुनाएँगे।
जीतू पटवारी किसानों के ट्रैक्टर पर चढ़े और किसानों से गेहूं के भाव की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि उन्हें फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। जिस पर पटवारी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों के साथ न्याय नहीं हो रहा है।