भोपालः मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से प्रदेश के किसानों की गंभीर समस्या को उठाते हुए कहा कि वर्तमान में किसानों के साथ जो अन्याय हो रहा है, वह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सरकार की कथित “किसान हितैषी” नीतियों की सच्चाई को उजागर करता है।

उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों, विशेष रूप से विदिशा जो शिवराज सिंह चौहान का क्षेत्र है। अन्य क्षेत्रों से जो तथ्य सामने आए हैं, वे अत्यंत चिंताजनक हैं। अकेले विदिशा जिले में 6437 का “सैटेलाइट सर्वे” फेल कर दिया गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि किसानों ने अपने खेतों में गेहूं, चना, मसूर जैसी फसलें बोई हैं, लेकिन पोर्टल पर गलत जानकारी दर्ज होने के कारण उन्हें खरीदी प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है।

श्री पटवारी ने कहा कि ई-उपार्जन पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग के दौरान “सैटेलाइट द्वारा असत्यापित” का संदेश देकर किसानों को उनकी उपज बेचने से रोका जा रहा है। यह स्थिति छोटे और सीमांत किसानों के लिए बेहद पीड़ादायक है, जिनकी पूरी आजीविका खेती पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि आज किसानों की हालत यह है कि उनके घरों में शादी-ब्याह के खर्च लंबित हैं, बच्चों की स्कूल फीस अटकी हुई है, बैंक और साहूकारों के कर्ज की किश्तें चुकाना मुश्किल हो गया है, और सरकार के सिस्टम की गलती का खामियाजा किसान भुगत रहा है।
श्री पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या यही “कृषि कल्याण वर्ष” की सच्चाई है, जहां पहले खरीदी में देरी की गई और अब स्लॉट बुकिंग में तकनीकी अड़चनें खड़ी कर किसानों को उनकी ही उपज बेचने से रोका जा रहा है। यह स्पष्ट करता है कि सरकार जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटी हुई है और डिजिटल सिस्टम के नाम पर किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस गंभीर संकट का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मध्यप्रदेश कांग्रेस की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
अंत में श्री पटवारी ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस किसानों के हित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।