भोपालः मध्यप्रदेश में किसानों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने सामने है। बीजेपी की मोहन यादव सरकार तमाम योजनाओं को बताते हुए किसान हितैषी होने का दावा कर रही है। दूसरी तरफ गेहूं खरीदी में किसानों को आ रही समस्याओं को लेकर कांग्रेस सड़को पर उतर गई है।

किसान समस्याओं को लेकर भोपाल में 24 घंटे उपवास पर बैठे कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन में आज पीसीसी चीफ जीतू पटवारी शामिल हुए हैं। इस दौरान उन्होंने उपवास पर बैठे कार्यकर्ताओं का जूस पिलाकर उपवास तुड़वाया। इस दौरान धरने का समापन करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि, सरकार ने 2700 प्रति क्विंटल खरीदी का वादा किया था, मगर आज किसान का एमएसपी पर गेहूं खरीदा नहीं जा रहा है। लिहाजा बाजार में 1800 रु तक गेहूं बेचने को मजबूर है। इसके अलावा कई किसानों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है।

खरीदी के दौरान तौल सहित कई अनियमितताएं हो रही हैं। जीतू पटवारी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर 8 दिन में व्यवस्थाएं नहीं ठीक हुई, तो, बड़वानी से लेकर ग्वालियर चम्बल तक पूरी आगरा मुंबई हाईवे को जाम कर देंगे। पूरे प्रदेश में किसान सड़को पर निकलेंगे। किसानों का नुकसान नहीं होने देंगे। मध्यप्रदेश की बहुत संकट में परिस्थिति है।

जीतू पटवारी ने कहा कि आज यहां जिस तरीके से अधिकारी कर्मचारी सहमे हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी के संगठित गुंडागर्दी से पीड़ित हैं। उसके नजारे हम रोज अखबारों और अप लोगों के माध्यम से देखते हैं। मैं आईएएस और आईपीएस लॉबी से कहना चाहता हूं कि आप अपनी रीढ़ की हड्डी मजबूत रखो। इस तरह से नेताओं के सामने घुटने टेकोगे तो मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा जाएगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने गेहूं उपार्जन का घोटाला किया। अगर आपने 1800 में गेहूं बेचा तो इसका मतलब है कि 2600 और 1800 के बीच की राशि आपकी सरकार ने चोरी कर ली।
भोपाल से संवाददाता राहुल अग्रवाल/सुनील मालवीय की रिपोर्ट