जीतू पटवारी ने कहा कि दुर्भाग्य तो तब है जब मां-बेटे की लाशें निकल रही थी तब मुख्यमंत्री और राज्यपाल उस वक्त राजभवन में राजस्थान का लोकनृत्य देख रहे थे।
जीतू पटवारी ने कहा कि दुर्भाग्य तो तब है जब मां-बेटे की लाशें निकल रही थी तब मुख्यमंत्री और राज्यपाल उस वक्त राजभवन में राजस्थान का लोकनृत्य देख रहे थे।