वहां से गुजर रहे एएसआई बृजेंद्र तिवारी की नजर उस महिला पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए स्थिति को समझा और सिर्फ एक पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में आगे बढ़े।
वहां से गुजर रहे एएसआई बृजेंद्र तिवारी की नजर उस महिला पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए स्थिति को समझा और सिर्फ एक पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में आगे बढ़े।
जिला उपाध्यक्ष सहित महिला नेत्रियों ने कोतवाली में दर्ज करवाई एफआईआर।
दूध व्यापारी दीपक ने बताया कि उन्हें 200 रुपये से अधिक का पेट्रोल नहीं दिया जा रहा, जिसके कारण दूध वितरण प्रभावित हो रहा है। समय पर सप्लाई न होने से आम लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
नदी किनारे कई स्थानों पर कचरे के ढेर पाए गए, जो स्वच्छता के लिए गंभीर चुनौती होने के साथ मानवजनित लापरवाही को भी उजागर करते हैं।
किसानों का आरोप है कि अन्नदाता जब अपनी मेहनत की फसल लेकर केंद्र पहुंचता है, तब उसे सुविधा देने के बजाय परेशान किया जा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
संभाग आयुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विजिटर फैसिलिटी सेंटर, निशुल्क अन्नक्षेत्र, हरसिद्धि रोड, नृसिंह घाट रोड और रामघाट क्षेत्र सहित कई प्रमुख स्थानों का दौरा किया गया।
जीतू पटवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा आकस्मिक विशेष विधानसभा सत्र बुलाए जाने के संदर्भ में कांग्रेस पार्टी अपनी नीति स्पष्ट करते हुए मांग करती है कि देश को गुमराह करना बंद किया जाए और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने बहनों के साथ जो अन्याय किया है, उसे देश कभी नहीं भूलेगा। बहनों को उनका हक दिलाने के लिए हम लगातार प्रयास करते रहेंगे।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद से कांग्रेस ने महिलाओं के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाया और लगातार अन्याय किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को आरक्षण दिलाना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष के कारण यह संभव नहीं हो पाया।
भोपाल की होनहार दोनों बेटियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
श्री पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार ने 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करने के बजाय उसे जनगणना और परिसीमन की शर्तों में उलझाकर टालने की साजिश रची है।