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वर्दी ही नहीं, हमदर्दी भीः तपती धूप में इंसानियत की मिसाल बने ढीमरखेड़ा में पदस्थ ASI बृजेंद्र तिवारी

वहां से गुजर रहे एएसआई बृजेंद्र तिवारी की नजर उस महिला पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए स्थिति को समझा और सिर्फ एक पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में आगे बढ़े।

By: Naredra 
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वर्दी ही नहीं, हमदर्दी भीः तपती धूप में इंसानियत की मिसाल बने ढीमरखेड़ा में पदस्थ ASI बृजेंद्र तिवारी

कटनीः जिले के ढीमरखेड़ा से रामपुर तक इंसानियत की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। थाना ढीमरखेड़ा में पदस्थ एएसआई बृजेंद्र तिवारी, जो पहले भी कई बार लोगों की मदद और मानवीय कार्यों के लिए पहचाने जाते रहे हैं, एक बार फिर अपने संवेदनशील व्यवहार के कारण चर्चा में हैं।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अप्रैल की तपती धूप में एक बुजुर्ग महिला अपने घर जाने के लिए सड़क किनारे किसी वाहन का इंतजार कर रही थी। तेज गर्मी और थकान के चलते वह काफी देर तक साधन की राह देखती रही, लेकिन जब कोई वाहन नहीं मिला तो उसकी परेशानी बढ़ती चली गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एएसआई बृजेंद्र तिवारी की नजर उस महिला पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए स्थिति को समझा और सिर्फ एक पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में आगे बढ़े।

एएसआई तिवारी ने बुजुर्ग महिला को अपनी बाइक पर बैठाया और बेटे की तरह उसे सुरक्षित उसके घर तक पहुंचाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के दिल को छू गया और अब यही तस्वीर सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। आज के समय में जहां अक्सर वर्दी को सख्ती और अनुशासन से जोड़ा जाता है, वहीं बृजेंद्र तिवारी ने यह साबित कर दिया कि वर्दी के पीछे एक संवेदनशील दिल भी धड़कता है। यह घटना सिर्फ एक बुजुर्ग महिला की मदद की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का जीवंत प्रमाण है कि इंसानियत आज भी हमारे समाज में जिंदा हैऔर ऐसे लोग ही उसे जिंदा रखते हैं।

कटनी से संवाददाता सत्येंद्र गौतम की रिपोर्ट

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