1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग, विशाल ‘गौ सम्मान आवाहन यात्रा’ संपन्न

गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग, विशाल ‘गौ सम्मान आवाहन यात्रा’ संपन्न

इस अवसर पर शाजापुर जिला मुख्यालय सहित संपूर्ण जिले में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस अभियान में आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गौमाता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की मांग पर अपनी सहमति जताई।

By: Naredra 
Updated:
गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग, विशाल ‘गौ सम्मान आवाहन यात्रा’ संपन्न

शाजापुर: जिला मुख्यालय पर गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के संकल्प के साथ ‘गौ सम्मान आवाहन यात्रा’ का भव्य आयोजन किया गया। इस यात्रा के माध्यम से हिंदू समाज के युवाओं और गौसेवकों ने संगठित होकर गौमाता की रक्षा और उन्हें संवैधानिक मान देने की आवाज बुलंद की।

यात्रा का शुभारंभ नगर की आराध्य देवी मां राजराजेश्वरी मंदिर परिसर से हुआ। यहाँ पूजन-अर्चन के पश्चात बड़ी संख्या में युवा और गौभक्त हाथों में भगवा ध्वज लेकर निकले। यह यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई पुणे मंदिर परिसर पहुँची, जहाँ इसका विधिवत समापन किया गया। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में गौ सेवा के संकल्प के नारे गूंजते रहे।

यात्रा के समापन पर गौसेवकों ने नायब तहसीलदार गौरव पोरवाल को महामहिम राज्यपाल के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर शाजापुर जिला मुख्यालय सहित संपूर्ण जिले में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस अभियान में आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग पर अपनी सहमति जताई। कठोर कानून और ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा सौंपे गए ज्ञापन में मध्य प्रदेश सरकार से गौवंश के संरक्षण हेतु निम्नलिखित प्रमुख मांगें की गई हैं:गौवंश को अविलंब ‘राष्ट्रमाता’ या ‘राज्य आराध्या’ घोषित किया जाए।

वही गौ-तस्करी और वध को गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा जाए और दोषियों की संपत्ति कुर्क करने जैसा सख्त कानून बनाया जाए। पंचगव्य आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए और स्कूली पाठ्यक्रम में ‘गौ-विज्ञान’ विषय को शामिल किया जाए।राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर घायल गौवंश के लिए एम्बुलेंस और ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था हो। साथ ही मिड-डे मील में देशी गाय के दूध से बने उत्पादों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

जिले की गौचर भूमियों को अतिक्रमण मुक्त कराकर वहां आदर्श चारागाह विकसित किए जाएं और प्रत्येक क्षेत्र में नंदीशालाओं की स्थापना हो। गौसेवक धर्मेंद्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आंदोलन केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। शासन-प्रशासन को ज्ञापनों के माध्यम से जगाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि गौवंश के संरक्षण के लिए ठोस और निर्णायक कदम उठाए जा सकें।

शाजापुर से संवाददाता दिलीप सौराष्ट्रीय की रिपोर्ट

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...