पलेरा में साधु-संत व समाज सेवियों द्वारा तहसीलदार को मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
पलेरा में साधु-संत व समाज सेवियों द्वारा तहसीलदार को मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
इस अवसर पर शाजापुर जिला मुख्यालय सहित संपूर्ण जिले में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस अभियान में आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गौमाता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की मांग पर अपनी सहमति जताई।
पार्षद बृजेश दुबे ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मांग की है कि कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया जाए, ताकि बच्चों को इस भीषण गर्मी से राहत मिल सके और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने एक स्वर में गौ सेवा, संरक्षण एवं सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
किसानों का आरोप है कि अन्नदाता जब अपनी मेहनत की फसल लेकर केंद्र पहुंचता है, तब उसे सुविधा देने के बजाय परेशान किया जा रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नाम लिखा ज्ञापन नायब तहसीलदार सोनू गोयल को सौंपा गया।
पेंशनर्स संघ ने मांग की है कि 80 वर्षीय सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक भरत सिंह चौहान और उनकी पत्नी के खिलाफ पन्ना जिले के मंडला थाने में केस दर्ज किया गया है। संघ का आरोप है कि यह एफआईआर 'असत्य तथ्यों' पर आधारित है।
जेन्द्र प्रताप ने जोर देते हुए कहा कि यदि पन्ना जिले में सैनिक स्कूल स्थापित किया जाता है, तो यह न केवल पन्ना बल्कि छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह सहित पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के छात्रों के लिए एक बड़ा शैक्षणिक केंद्र बन सकता है।
कांग्रेस ने ज्ञापन में मांग की है कि सभी अनाज मंडियों में पारदर्शी एवं सुचारू व्यवस्था की जाए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
घटना के विरोध में बाजार बंद रहे और लोगों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों को बड़वानी शहर तक पहुंचने के लिए केवल एक कच्चा रास्ता उपलब्ध है। यह मार्ग इतना जर्जर हो चुका है कि इस पर पैदल चलना भी मुश्किल है।
इस लापरवाही से न सिर्फ महिला की पहचान और अधिकार प्रभावित हुए हैं, बल्कि उन्हें मिलने वाली सरकारी सुविधाएं भी बंद हो गई हैं। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हाल ही में हुई ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।