पन्नाः गेहूं खरीदी को लेकर किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बेयर हाउस प्रबंधन ने मौखिक आदेश देकर शनिवार दोपहर से खरीदा गया गेहूं अंदर रखने से मना कर दिया है। इससे किसानों के भुगतान पर संकट खड़ा हो गया है। समिति प्रबंधकों का कहना है कि खुले में रखा गेहूं गर्मी के कारण वजन खो रहा है, जिससे नुकसान बढ़ रहा है। ऐसे हालात में खरीदी प्रक्रिया रुकने की आशंका गहरा गई है।

अर्चना बेयरहॉउस के प्रबंधक दीपक खरे ने बताया कि 24 अप्रैल तक हम गेंहू बेयर हाउस में अंदर रख रहे थे। लेकिन 25 अप्रैल को बेयर हाउस के केंद्र प्रभारी का फोन आया था कि शाम से अब खरीदा गया गेंहू अंदर नही रखना है। अब ऐसे में खरीदी कम होगी और भण्डारण के लिए जगह कम पड़ने लगेगी। जिससे खरीदी प्रभावित होगी। इसका सीधा असर किसानों के भुगतान पर पड़ेगा। क्योंकि गेहूं का भंडारण नहीं होने से भुगतान प्रक्रिया अटक सकती है।
समिति प्रबंधक पृथ्वी सिंह का कहना है कि तुलाई के बाद गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा गया है। जहां भीषण गर्मी के कारण हर दिन उसका वजन घट रहा है। इससे आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है। और इसके नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा।कई खरीदी केंद्रों पर अभी खरीदी शुरू भी नहीं हुई है। वहीं एफसीआई द्वारा सीधे उठाव की बात से और देरी की आशंका बढ़ गई है।
पन्ना से संवाददाता राजेश रावत की रिपोर्ट