इस बार देरी से शुरू खरीदी, ऊपर से सर्वर डाउन किसानों को पड़ी दोहरी मार। खरीदी केंद्रों पर बारिश में भीगा किसानों का गेंहू।
इस बार देरी से शुरू खरीदी, ऊपर से सर्वर डाउन किसानों को पड़ी दोहरी मार। खरीदी केंद्रों पर बारिश में भीगा किसानों का गेंहू।
भुगतान रुकने से बढ़ी किसानों और समितियों में चिंता। समिति प्रबंधकों का कहना है कि खुले में रखा गेहूं गर्मी के कारण वजन खो रहा है, जिससे नुकसान बढ़ रहा है।
कांग्रेस ने ज्ञापन में मांग की है कि सभी अनाज मंडियों में पारदर्शी एवं सुचारू व्यवस्था की जाए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
संघ के नेताओं का कहना था कि गेहूं खरीदी में लगातार देरी हो रही है, जबकि कई किसानों के पास अनाज रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और फसल खुले में पड़ी हुई है। आंधी-बारिश के चलते नुकसान हो रहा है।
वर्तमान में बाजार में गेहूं शासन के समर्थन मूल्य से नीचे भाव में बिक रहा हैं। जिसका भाव 2200 से लेकर 2350 रुपए प्रति क्विंटल के बीच बना हुआ है। ऐसे में शासन के समर्थन मूल्य 2625 रुपए क्विंटल के प्रति गेहूं विक्रय के लिए किसानों का रुझान दिखने लगा है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार देश को दुनिया का फूड बास्केट बनाने की दिशा में काम कर रही है। भारत विस्तार एप लॉन्चिंग को लेकर उन्होने कहा कि यह एक ऐसा एआई प्लेटफॉर्म है जिसमें किसान को कहीं जाना नहीं पड़ेगा। घर बैठे ही सभी समस्याओं का समाधान मिल पाएगा।