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DELHI: पीएम मोदी के रिफॉर्म का प्रभाव… चावल में भारत नंबर वन, गेहूं के भरे भंडार- शिवराज

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार देश को दुनिया का फूड बास्केट बनाने की दिशा में काम कर रही है। भारत विस्तार एप लॉन्चिंग को लेकर उन्होने कहा कि यह एक ऐसा एआई प्लेटफॉर्म है जिसमें किसान को कहीं जाना नहीं पड़ेगा। घर बैठे ही सभी समस्याओं का समाधान मिल पाएगा।

By: Naredra 
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DELHI: पीएम मोदी के रिफॉर्म का प्रभाव… चावल में भारत नंबर वन, गेहूं के भरे भंडार- शिवराज

दिल्लीः केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 का उद्घाटन  किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में कई रिफॉर्म हुए हैं। उन्ही रिफॉर्म्स का प्रभाव है कि आज चावल उत्पादन के मामले में भारत दुनिया में पहले नंबर पर आ गया है। जबकि देश में गेहूं के भंडार भरे हुए हैं। पछले दस साल में हमारे खाद्यान उत्पादन में 34 प्रतिशत बढ़ा है। लेकिन अभी और काम करना बाकी है। इसलिए कई रिफॉर्म्स पर सरकार चर्चा कर रही है। उन सुधारों को तेजी से लागू करके खाद्यान के भंडार भरना, पोषण के लिए उपयुक्त गुणवत्तापूर्ण खाद्यान उत्पादन, किसानों की आमदनी और बढ़ाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। देश को दुनिया का फूड बास्केट बनाने की दिशा में काम हो रहा है। एक्सपोर्ट क्वालिटी के फल, फूल, सब्जियां, अनाज कैसे बेहतर पैदा करें इस पर काम हो रहा है। किसानों को कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रक्रियाओं का सलीकरण किया जा रहा है।

घर बैठे होगा किसानों की समस्या का समाधान

भारत विस्तार एप लॉन्चिंग को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि यह एक ऐसा AI प्लेटफॉर्म है जिसमें किसान को कहीं जाना नहीं पड़ेगा, बल्कि घर बैठे ही सभी समस्याओं का समाधान मिल पाएगा। किसान मोबाइल पर सवाल पूछे और उसे जवाब मिल जाएगा। इसे दूसरी भाषाओं में भी लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक बहुद्देशीय ऐसा पोर्टल है जिसमें किसान पूछे और उसे जानकारी मिल सके।

यह मेला एक तरह से कृषि का कुंभ- शिवराज

कृषि मेले के आयोजन को लेकर मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में मेला और बेहतर ढ़ंग से आयोजित किया जाएगा। क्योंकि देश का सबसे बड़ा यह मेला कृषि का एक तरह से कुंभ होता है। जिसमें नई रिसर्च और शोध, तकनीकि, बीज, कृषि पद्धतियां, उत्पादन, रोगों की बेहतर जानकारी देश के किसानों को दी जाती हैं। इसमें और सुधार करने की जरूरत है। अगली बार इसे और व्यापक रूप से आयोजित किया जाएगा।

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