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डॉक्टर बने देवदूत: 5 रुपये का सिक्का फंसने से घुट रही बच्ची की बचाई जान

शाजापुर जिला अस्पताल में तैनात डॉ. तेजपाल सिंह ने समय पर इलाज कर ढाई वर्षीय बच्ची की जान बचाई, जिसके गले में खेलते समय 5 रुपये का सिक्का फंस गया था। बच्ची को सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजन तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने तुरंत एक्स-रे कर एंडोस्कोपी की मदद से सिक्का सफलतापूर्वक बाहर निकाला। समय पर इलाज से बच्ची की जान बच गई और वह पूरी तरह स्वस्थ है।

By: Nivedita 
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डॉक्टर बने देवदूत: 5 रुपये का सिक्का फंसने से घुट रही बच्ची की बचाई जान

शाजापुर के ज्योति नगर में ढाई वर्षीय बच्ची अनायजा अंसारी घर में खेल रही थी, तभी उसने 5 रुपये का सिक्का मुंह में डाल लिया, जो सीधे गले में फंस गया। इसके बाद बच्ची को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी और वह जोर-जोर से रोने लगी। स्थिति बिगड़ती देख परिजन तुरंत उसे जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे।

डॉक्टर ने तुरंत दिखाई तत्परता

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉ. तेजपाल सिंह ने बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए बिना देर किए एक्स-रे करवाया। जांच में गले में सिक्का फंसा हुआ पाया गया, जिसके बाद तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया।

एंडोस्कोपी से सफलतापूर्वक निकाला सिक्का

डॉ. तेजपाल सिंह ने अपनी सूझबूझ और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए एंडोस्कोपी की मदद से बच्ची के गले से सिक्का सुरक्षित बाहर निकाल दिया। समय पर इलाज मिलने से बच्ची की जान बच गई और उसकी हालत सामान्य हो गई।

परिवार ने जताया आभार

इलाज के बाद बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और डॉक्टरों की निगरानी में है। बच्ची के परिजनों ने भावुक होकर डॉक्टर का आभार व्यक्त किया और कहा कि सही समय पर मिले इलाज ने उनकी बच्ची की जान बचा ली, वरना उन्हें बड़े शहर ले जाना पड़ता।

डॉक्टर की अपील

डॉ. तेजपाल सिंह ने कहा कि छोटे बच्चों को सिक्के, बैटरी और बटन जैसी छोटी वस्तुओं से दूर रखना चाहिए, क्योंकि ये चीजें जानलेवा साबित हो सकती हैं। ऐसी किसी भी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना चाहिए।

 

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