मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सांदीपनि विद्यालय योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। लेकिन बुरहानपुर जिले के शाहपुर स्थित सांदीपनि विद्यालय की तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। विद्यालय में बच्चों से सफाई कराए जाने, शिक्षकों की कमी, बंद लैब, परिसर में गंदगी और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई मुद्दे सामने आए हैं।
विद्यालय परिसर में निरीक्षण के दौरान प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को झाड़ू लगाते और परिसर की सफाई करते देखा गया। बताया गया कि सफाई कर्मचारी के अनुपस्थित रहने पर बच्चों से सफाई कराई गई।हालांकि विद्यालय में सफाई कर्मचारियों के पद होने के बावजूद विद्यार्थियों से सफाई कराना कई सवाल खड़े करता है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, विद्यालय में बच्चों से इस तरह का कार्य कराना उचित नहीं माना जाता।
करीब 1300 विद्यार्थियों वाले इस विद्यालय में नियमित और अतिथि शिक्षक पदस्थ होने के बावजूद कई कक्षाओं में शिक्षक समय पर मौजूद नहीं मिले। निरीक्षण के दौरान कुछ कक्षाओं में विद्यार्थी बिना शिक्षक के बैठे दिखाई दिए। शिक्षकों का कहना था कि वे ई-अटेंडेंस दर्ज कराने गए थे, लेकिन इससे पढ़ाई प्रभावित होने पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं कुछ विषयों में अतिथि शिक्षकों को कार्यभार नहीं मिलने के कारण नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही थीं।
विद्यालय में STEM लैब, आईसीटी लैब और आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष जैसी आधुनिक सुविधाएं तो मौजूद हैं, लेकिन कई लैब बंद मिलीं। कंप्यूटर और अन्य उपकरण धूल से ढके हुए दिखाई दिए, जबकि विज्ञान प्रयोगशाला के उपकरण भी उपयोग का इंतजार करते मिले। इससे यह सवाल उठ रहा है कि करोड़ों रुपये की लागत से विकसित की गई सुविधाओं का विद्यार्थियों को कितना लाभ मिल रहा है।

विद्यालय परिसर में कई स्थानों पर गुटखा और पान मसाले के रैपर पड़े मिले। बरामदों और कमरों में भी सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं दिखाई दी। परिसर की स्वच्छता और रखरखाव को लेकर भी कई सवाल सामने आए।
निरीक्षण के दौरान एक कक्षा में शिक्षक पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन पर व्यस्त दिखाई दिए। पूछे जाने पर उन्होंने फोन पर बातचीत करने की बात स्वीकार की। वहीं प्राचार्य कक्ष में भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिले। कार्यालय में पंखे और लाइटें अनावश्यक रूप से चालू थीं, जिन्हें बाद में बंद किया गया।
पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच और आवश्यक कार्रवाई की बात कही है। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद शिक्षा विभाग विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाता है।