दिल्ली : आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 2 अप्रैल 2026 को पार्टी ने उन्हें इस पद से हटाकर डॉ. अशोक कुमार मित्तल को नई जिम्मेदारी सौंपी। इसके साथ ही पार्टी की ओर से उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया गया, जिसे लेकर विवाद और गहरा गया है।
इस घटनाक्रम के बीच राघव चड्ढा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहते नजर आ रहे हैं “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।” वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा आम जनता से जुड़े मुद्दे उठाए हैं और सवाल किया कि आखिर उन्हें बोलने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि उनकी खामोशी को हार न समझा जाए।
इस फैसले को पार्टी के भीतर मतभेद और चड्ढा की कार्यशैली से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक कमजोर नेता हैं, जिनमें न तो विपक्ष का सामना करने का साहस है और न ही अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष से निपटने की क्षमता है।
उन्होनें यह भी कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया, बल्कि उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया, यह असामान्य और चिंताजनक है। यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से दूरी बना ली है। उन्होंने कहा कि पहले स्वाति मालीवाल और अब राघव चड्ढा जैसे प्रमुख नेता केजरीवाल से दूरी बना चुके हैं, जो पार्टी के लिए गंभीर संकेत है। जिसका असर आने वाले समय में पार्टी की रणनीति पर भी पड़ सकता है।