वहां से गुजर रहे एएसआई बृजेंद्र तिवारी की नजर उस महिला पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए स्थिति को समझा और सिर्फ एक पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में आगे बढ़े।
वहां से गुजर रहे एएसआई बृजेंद्र तिवारी की नजर उस महिला पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए स्थिति को समझा और सिर्फ एक पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में आगे बढ़े।
नगर पालिका व एसडीईआरएफ के इस संयुक्त प्रशिक्षण में जिलेभर के युवाजन शामिल हुए। इसमें एनएसएस के 70, एनसीसी के 29, स्काउट एंड गाइड के 33 और माय भारत के 136 युवक-युवतियों ने मॉक ड्रील से आपदा बचाव का प्रशिक्षण लिया।