वहां से गुजर रहे एएसआई बृजेंद्र तिवारी की नजर उस महिला पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए स्थिति को समझा और सिर्फ एक पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में आगे बढ़े।
वहां से गुजर रहे एएसआई बृजेंद्र तिवारी की नजर उस महिला पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए स्थिति को समझा और सिर्फ एक पुलिस अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में आगे बढ़े।