समय के साथ यह सामुदायिक भवन रिकॉर्ड से लगभग गायब हो गया था। हाल ही में की गई विस्तृत जांच के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह भवन वास्तव में शहर के एक निजी शिक्षण संस्थान (निमाड़ वेली स्कूल) परिसर में मौजूद है।
समय के साथ यह सामुदायिक भवन रिकॉर्ड से लगभग गायब हो गया था। हाल ही में की गई विस्तृत जांच के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह भवन वास्तव में शहर के एक निजी शिक्षण संस्थान (निमाड़ वेली स्कूल) परिसर में मौजूद है।
प्रतिमा स्थापना के लिए परमिशन 2019 को ही जारी हो चुकी थी किंतु निगम की लापरवाही के चलते प्रतिमा स्थापित अभी तक नहीं हो पाई थी लेकिन अब निगम ने परिषद में प्रस्ताव पास कर प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है, जिसे लेकर प्रतिमा स्थापित करने के लिए स्ट्रक्चर भी बना दिया गया था।
दुकानदारों का कहना है कि यहां हर दिन जाम लगता है, ग्राहक भी परेशान होकर लौट जाते हैं, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। रोजेदारों और मजदूरों को भी इस स्थिति का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि मूल गांव छोटा बड़दा से विस्थापित कर यहां लाया गया था, लेकिन जीवनयापन के लिए आवश्यक संसाधन अब भी नदारद हैं।
बताया जा रहा है कि यह भूमि पूर्व में कृषि थी, जिसे एक कॉलोनाइजर द्वारा प्लॉट काटकर बेचा गया। ऐसे में पंचायत को यहां कोई राजस्व प्राप्त नहीं होता, फिर भी सड़क निर्माण किया जा रहा है।
डैमेज कंट्रोल में जुटे भाजपा नेता। बुरहानपुर की शियासत में मचा हड़कंप।
24 फरवरी को आयोजित बैठक में प्रदेश के बस मालिकों और पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि अगर सरकार ने नई नीति में संशोधन नहीं किया तो बस संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
संविदा कर्मचारियों की मांग है कि विगत 10 वर्ष से अधिक सेवा दे चुके कर्मचारियों का तत्काल नियमितीकरण, पुरानी पेंशन योजना का लाभ, EPFO/ESIC कवर, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी लागू किया जाय।
निजि बस संचालक 195 रुपए की जगह 300 रुपए वसूल कर रहे हैं किराया। यात्रियों को नहीं वास्तविक किराए की जानकारी। मामले की जांच और दोषियों पर कर्रवाई की मांग तेज।
निरीक्षण के दौरान उस समय बड़ा खुलासा हुआ, जब यह सामने आया कि पूर्व सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के कार्यकाल में कोरोना काल के दौरान करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित ICU वार्ड आज तक शुरू नहीं हो सका है।