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निजी स्कूल के कब्जे में चल रहा था सामुदायिक भवन, प्रशासन ने 23 साल बाद लिया कब्जा

समय के साथ यह सामुदायिक भवन रिकॉर्ड से लगभग गायब हो गया था। हाल ही में की गई विस्तृत जांच के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह भवन वास्तव में शहर के एक निजी शिक्षण संस्थान (निमाड़ वेली स्कूल) परिसर में मौजूद है।

By: Naredra 
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निजी स्कूल के कब्जे में चल रहा था सामुदायिक भवन, प्रशासन ने 23 साल बाद लिया कब्जा

बुरहानपुर जिले के गणपति थाना क्षेत्र अंतर्गत एमागिर्द पंचायत में प्रशासन ने अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्षों पुराने एक मामले का खुलासा किया है। वर्ष 2003 में पूर्व विधायक हमीद काजी द्वारा विधायक निधि से एक सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया था, जिसका उद्देश्य गांव के सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों के लिए उपयोग किया जाना था।

हालांकि, समय के साथ यह सामुदायिक भवन रिकॉर्ड से लगभग गायब हो गया था। पंचायत और प्रशासन को इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी। हाल ही में की गई विस्तृत जांच के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह भवन वास्तव में शहर के एक निजी शिक्षण संस्थान (निमाड़ वेली स्कूल) परिसर में मौजूद है, जहां इसके दो कमरों का उपयोग किया जा रहा था।

जांच के बाद तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पंचनामा तैयार कर सामुदायिक भवन के दोनों कमरों को कब्जे में लेते हुए एमागिर्द पंचायत को विधिवत हैंडओवर कर दिया गया। यह स्कूल पूर्व विधायक हमीद काजी के पुत्र नूर काजी द्वारा संचालित बताया जा रहा है।

पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्ष 2003 से अब तक इस भवन पर अवैध रूप से कब्जा रखा गया, इसलिए संबंधित पक्ष से बीते लगभग 20 वर्षों का किराया वसूलने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

वहीं, इस पूरे मामले पर स्कूल संचालक नूर काजी ने कार्रवाई को अवैधानिक बताते हुए इसे न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है। उनका कहना है कि बिना उचित प्रक्रिया के यह कार्रवाई की गई है और वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे।

इस कार्रवाई के बाद जिले में सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन की सख्ती का संदेश साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। साथ ही यह भी संकेत मिला है कि भविष्य में ऐसे मामलों में और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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