राज्य स्तरीय उड़नदस्ता सवालों के घेरे में, मौके पर बिना जांच लौटने की बात आई सामने, GPS फोटो में 120 से अधिक पेड़ों की कटाई के सबूत, फिर भी रिपोर्ट में सिर्फ एक पेड़ दर्शाया गया, अंडर ट्रेनिंग IFS अधिकारी की भूमिका संदिग्ध।
राज्य स्तरीय उड़नदस्ता सवालों के घेरे में, मौके पर बिना जांच लौटने की बात आई सामने, GPS फोटो में 120 से अधिक पेड़ों की कटाई के सबूत, फिर भी रिपोर्ट में सिर्फ एक पेड़ दर्शाया गया, अंडर ट्रेनिंग IFS अधिकारी की भूमिका संदिग्ध।
वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई लोग तो बिना पेट्रोल लिए ही वापस लौटने को मजबूर हैं।
सम्मेलन के दौरान ‘लोकतंत्र में युवा भूमिका’ और ‘विकसित भारत @2047’ विषयों पर चर्चा होगी। युवा विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की सफलता की कहानियां साझा करेंगे और आने वाली चुनौतियों पर बातचीत करेंगे।
इस दौरान उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह आंसुओं और चीखों के पीछे केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही, अव्यवस्था और जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने की प्रवृत्ति भी जिम्मेदार है।
स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत नलखेड़ा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
चाक बारा में दमकल वाहन कच्चा रास्ता होने के कारण मौके तक नहीं पहुंच सका और वाहन को लौटना पड़ा। जिसके चलते आग पर काबू नहीं किया जा सका। आग लगने से हजारों पेड़ और कई वन्यजीव जलकर नष्ट हो चुके हैं।
सुश्री जया किशोरी ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन छल, बल, प्रलोभन या दबाव के माध्यम से किया गया धर्मांतरण एक गंभीर अपराध है। जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
नेता प्रतिपक्ष ने छोटे व्यापारियों और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ रहे असर को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि छोटे दुकानदार, होटल संचालक और चाय बेचने वाले आखिर गैस सिलेंडर कहां से लाएंगे और उनका व्यवसाय कैसे चलेगा?
मुख्य बाजार की सड़कों पर सीवरेज कार्य के चलते कई माह से धूल-गड्ढों की परेशानी झेल रहे लोग, व्यापार पर पड़ रहा असर।
मधुमक्खियों को इस हमले में करीब 40 लोग घायल हो गए, जिनमें 10 बच्चे भी शामिल हैं। मधुमक्खियों के अचानक हमले से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत पलेरा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
सीवरेज कार्य में नजर आ रही लापरवाही, नेता प्रतिपक्ष ने बिना सेफ्टी किट सीवरेज का कार्य कर रहे कंपनी कर्मचारी को माला पहनाकर सम्मान किया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के समय अस्पताल के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद न तो तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज की गई और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर गूंजे सरकार विरोधी नारे, राजस्व मामले में पुलिस हस्तक्षेप पर उठे गंभीर सवाल, आदिवासी जमीन गैर आदिवासी के नाम होने पर निष्पक्ष जांच की मांग, 32 लोगों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने और गिरफ्तारी रोकने की मांग।
पीड़ित किसान ने पटवारी के घर पहुंचकर रिश्वत के 2 हजार रुपए दिए वैसे ही लोकायुक्त टीम ने पटवारी देवेंद्र जैन को मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया।