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सागौन के पेड़ों की अवैध कटाईः नाकेदार पर मामले को दबाने का आरोप, रेंजर के फर्जी हस्ताक्षर से जारी झूठा प्रतिवेदन

राज्य स्तरीय उड़नदस्ता सवालों के घेरे में, मौके पर बिना जांच लौटने की बात आई सामने, GPS फोटो में 120 से अधिक पेड़ों की कटाई के सबूत, फिर भी रिपोर्ट में सिर्फ एक पेड़ दर्शाया गया, अंडर ट्रेनिंग IFS अधिकारी की भूमिका संदिग्ध।

By: Naredra 
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सागौन के पेड़ों की अवैध कटाईः नाकेदार पर मामले को दबाने का आरोप, रेंजर के फर्जी हस्ताक्षर से जारी झूठा प्रतिवेदन

बैतूलः सांवलीगढ़ क्षेत्र से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां सागौन के सैकड़ों पेड़ों की अवैध कटाई के बावजूद इसे दबाने की कोशिश किए जाने के आरोप लग रहे हैं।

आरोप है कि धौल बीट के नाकेदार द्वारा रेंजर के फर्जी हस्ताक्षर कर एक प्रेस प्रतिवेदन जारी किया गया। जिसमें बड़े पैमाने पर हुई कटाई को नकारते हुए केवल एक पेड़ काटे जाने की बात कही गई। जबकि भोपाल विजिलेंस को GPS लोकेशन सहित 120 से अधिक पेड़ों की कटाई के प्रमाण फोटो के रूप में सौंपे गए थे।

बताया जा रहा है कि राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने मौके का वास्तविक निरीक्षण किए बिना ही पंचनामा तैयार कर लिया और स्थानीय चहेतों के हस्ताक्षर कराकर जांच पूरी कर दी। हैरानी की बात यह है कि वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष को इसकी सूचना तक नहीं दी गई।

वहीं संबंधित रेंजर ने स्पष्ट रूप से इस प्रेस नोट को फर्जी बताते हुए अपने हस्ताक्षर होने से इनकार किया है। इस पूरे मामले में अंडर ट्रेनिंग IFS अधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, क्योंकि प्रारंभिक स्तर पर कटाई की पुष्टि के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

इसके अलावा सरकारी दस्तावेजों के सार्वजनिक होने से विभाग की गोपनीयता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है।

बैतूल से संवाददाता कमलाकर तायवाड़े की रिपोर्ट

 

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