बैतूलः मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आदिवासी कांग्रेस के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में आदिवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और भाजपा सरकार तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यह पूरा मामला मुलताई क्षेत्र में सीमांकन के दौरान हुए विवाद से जुड़ा है, जिसमें पुलिस द्वारा 32 आदिवासियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई को एकतरफा और अन्यायपूर्ण बताते हुए तत्काल प्रकरण समाप्त करने की मांग की।
आदिवासी कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि जिस जमीन पर एक आदिवासी परिवार वर्षों से काबिज है, उसे कथित सांठगांठ के जरिए एक गैर आदिवासी के नाम दर्ज कर दिया गया, जो नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब यह मामला पूरी तरह राजस्व विभाग का था, तब पुलिस ने हस्तक्षेप क्यों किया।
साथ ही आरोप लगाया गया कि विवाद की शुरुआत दूसरे पक्ष द्वारा की गई, जिससे स्थिति बिगड़ी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और एफआईआर वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बैतूल से संवाददाता कमलाकर तायवाड़े की रिपोर्ट