मानसून सीजन और संभावित बाढ़ आपदा को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा की मौजूदगी में बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आपदा की स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर के साथ-साथ तहसील स्तर पर भी कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। इन कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार निगरानी और राहत कार्यों का समन्वय किया जाएगा।
प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही पुल-पुलियाओं का निरीक्षण, बैरिकेडिंग और संभावित खतरे वाले स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं।
बैठक में राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि आपदा की स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को सतर्क और सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।