इंदौरः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्राम नैनोद, इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में इंदौर-पीथमपुर इकनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमिपूजन किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम खासकर इकनॉमिक कॉरिडोर निर्माण की बात आती है तो सरकार के साथ किसान का जितना खुलकर समर्थन आना चाहिए। किसान को उस विकास में भागीदार बनाना यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार द्वारा किया जा रहा है। पहले गुजरात में उन्होंने शुरू किया। गुजरात के अंदर सारी शासकीय योजनाओं के लिए गुजरात की समृधि का बड़ा आधार है। मोदी जी के उस विजन के कारण से हुआ है जिन्होंने कहा कि हां विकास होना चाहिए, प्रदेश आगे बढ़ना चाहिए देश भी आगे बढ़ना चाहिए। लेकिन इसके लिए जो आधार बनता है। जो जरूरत पड़ती हैं जमीन की भूमि की। इस जमीन में किसान के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

हमारी सरकार के माध्यम से उन सारी योजनाओं को लागू करने का काम हम कर रहे है। जिसके कारण से हमारा किसान, महिला, युवा और गरीब सब वर्गों के पीछे का भाव भी छिपा हुआ है। जब यहां 2360 करोड़ की लागत से यह इंदौर-पीथमपुर इकोनोमिक कॉरिडोर के पहले फेज के भूमिपूजन कर रहे हैं। वास्तव में हम इकोनॉमी कॉरिडोर में जो 60 प्रतिशत भूमि हम दे रहे हैं। या आपको भूमि में भागीदार बना रहे हैं। अगर इस भूमि का हिसाब लगाएं तो किसान के पास साढ़े 6 सौ करोड़ के प्लॉट पहुंचे। यह है योजना और यह है भागीदारी। किसी भी किसान के लिए इससे बड़ी सौभाग्य की बात क्या होगी। 17 गांवों के किसानों के द्वारा इस कॉरिडोर के माध्यम से पूरे देश में 60 प्रतिशत भागीदार कहीं भी नहीं बनाया।

यह जो क्षेत्र बन रह है। इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, साजापुर, रतलाम यह पूरा मैट्रोपोलेटिन सिटी बन रही है और यह रोड केवल पीथमपुर से इंदौर नहीं है, इंदौर से जुड़ हुआ हमारा उज्जैन और उज्जैन से गरोट तक का जो 8 लेन सुपर एक्सप्रेसवे है। जिसके माध्यम से दिल्ली मुंबई कॉरिडोर जुड़ेगा। यह प्रधानमंत्री का ही कमाल है। अगर राष्ट्रीय राजमार्गों का आंकड़ा देखें, तो 1,60,000 किमी से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग बने है। जिसके कारण से यहां पर भी कितने प्रकार के काम मिलेंगे। एग्री प्रोसेसिंग, ऑटो मोबाइल, टेक्सटाइल, इंजीनियरिग, वेयरहाउसिंग सेक्टर और परियोजना में भी आधुनिक अधोसंरचना के काम, कनेक्टिविटी, उद्योग, नया इन्फ्रास्टेक्चर। पीएम जलशक्ति योजना, आर्थिक कॉरिडोर, तमाम राजमार्गों का निर्माण, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, आधुनिक कॉरिडोर लॉजिस्टिक पार्कों का निर्माण किया जा रहा है।
अब हमारे पास श्रीनगर-कश्मीर जाने के लिए पूरे साल गुंजाइस हो गई। अमरनाथ से लेकर कश्मीर की वादियों के लिए रेल मार्ग, सड़क मार्ग, हवाई मार्ग। जिस प्रकार से समय बदल रहा है कि मध्य प्रदेश के अँदर भी बदलाव आ रहा है। 2028 के सिंहस्थ के लिए चमचमाती सड़कें। इसके बाद एक और फोरलेन को लेकर हम आने वाले हैं, इंदौर-उज्जैन का नया फोरलेने बनने जा रहा है। सरकार के लिए किसानों को 4 गुना मुआवजा देने में बहुत बड़ा मन है और यह सरकार किसानों की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं तो कांग्रेसियों से भी कहना चाहता हूं उनके समय में तो सड़कें भी नहीं बनती थी। किसान भाई डीजल के लिए लाइन में लग के परेशान रहते थे और सिंचाई का भी कितना रकबा था। 2002-03 दिग्विजय सिंह की सरकार तक साढ़े 7 लाख हेक्टेर पर सिंचाई होती थी। हमारे समय में बिजली दिन में मिल रही है। हमने अभी ढाई साल में 10 लाख से ज्यादा हेक्टेयर में सिंचाई का रकबा खड़ा किया है। बुंदेलखंड में नदी जोड़ो अभियान, केन बेतवा नदी, पार्वती नदी, चंबल आज सिंचाई केलिए आज पूरा इलाका अलग प्रकार से देख रहा है।
इंदौर मेट्रोपॉलिटिन सिटी बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। जो बड़ी बड़ी बिल्डिगों की फोटो हम दिल्ली मुंबई में देखते थे वह आज हमारे सामने बनेंगे और किसान उसका मालिक बनेगा। इंदौर आज अपने अलग प्रकार के दौर से निकल रहा है। यह आर्थिक कॉरिडोर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर होगा बल्कि भाग्योदय का भी शंखनाद होने वाला है।
मध्य प्रदेश के अंदर 6 एक्सप्रेसवे बन रहे हैं। प्रगति पथ, विंद्य विकास एक्सप्रेसवे, माघवा निवाण एक्सप्रेसवे, अटल प्रगित पथ, बुंदेलखड विकास पथ, मध्य भारत विकास पथ का निर्माण किया जा रहा है। एक बाद एक 8 हवाई अड्डे कितने प्रकार से अपने यहां विकास हो रहा है। इसी साल हमारी सरकार ने 4.38 लाख का बजट पारित किया है। गेहूं का बंपर उत्पादन हुआ हम इस बार 100 लाख टन गेंहू खरीद रहे हैं। आज हमारी सरकार गेहूं 2625 रूपए क्विंटल खरीद रहे हैं। बरसात के सीजन के बाद किसान को पूरे दिन में बिजली मिलेगी।