शिक्षकों ने कहा कि “गली से लेकर दिल्ली तक भाजपा की सरकार है, फिर भी अगर हमारी बात नहीं सुनी जाती है, तो हम दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देंगे और लाखों शिक्षक मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे।
शिक्षकों ने कहा कि “गली से लेकर दिल्ली तक भाजपा की सरकार है, फिर भी अगर हमारी बात नहीं सुनी जाती है, तो हम दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देंगे और लाखों शिक्षक मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे।
डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है। इसलिए यह कांग्रेस के लोग आरोप लगाते फिरते नजर आ रहे हैं।
वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, अजय जामवाल, डॉ महेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खण्डेलवाल शामिल रहे। बैठक में निर्देश दिए गए कि गेहूं उपार्जन के पहले दिन किसानों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाए।
कलेक्टर ने समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राकृतिक आपदा जैसे बेमौसम बरसात या ओलावृष्टि इत्यादि में किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने हेतु प्रकरणों का सर्वे एवं आकलन कर 7 दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित करे।
जनपद सीईओ का निलंबन मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 के तहत किया गया है।
आचार्य ने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय पर न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और कार सेवा जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने न्यायालय में याचिका दायर की है।
जल संसाधन संभाग पन्ना में वाहनों के भुगतान में अपनाई जा रही अलग-अलग प्रक्रिया। ईएनसी के निर्देशों की अवहेलना कर वाहन मालिक को 29 लाख से अधिक का भुगतान।
विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन सक्रिय हो गया है। कुलसचिव अनिल शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं कुलपति अर्पण भारद्वाज ने परीक्षा नियंत्रक से जवाब तलब करते हुए बैठक बुलाई है।
सीएम ने कहा कि अगर कश्मीर में 40 हजार से ज्यादा हत्याएं हुई हैं, केशर की क्यारी की धरती पर खून की नदियां बही हैं, तो यह पाप कांग्रेस के सिर पर था। हमारे तत्कालीन पहले अध्यक्ष के भाव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश को साथ आगे बढ़ाते हुए उस कलंक को धोने का काम किया है।
मंत्री उदय प्रताप ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और उन्हें अपने संगठन पर ध्यान देना चाहिए। सरकार किसानों के हित के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उम्मीद करेंगे कि इन सभी के माध्यम से किसानों की आय बढ़े, हमारी फसलों का सही उत्पादन मिले, कम पानी में बेहतर फसल हो, बिजली, पानी, खाद सबके अंदर समेकित रूप से फसल से जितनी आमदानी बढ़े इस पर सरकार काम कर रही है।
1974 से नर्मदा वैली से सारा क्षेत्र सिंचाई और बाकी चीजों से समृद्ध हो सकता था लेकिन दुर्भाग्य से राजनीतिक उठापटक और सोच की कमी के कारण से योजना नहीं बन पाई। जो योजना 20 साल बन सकती थी वह नरेंद्र मोदी के गुजरात में मुख्यमंत्री बनते ही अपने ही संसाधनों से सरदार सरोबर डैम पूरा किया और उसके बाद हमारे प्रदेश की भी धारा बदली।
कृषि कॉलेज के नए भवन का नाम भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर रखा गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों द्वारा लगाई गई विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।
करीब 29 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। इससे आम लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।