बड़वानीः ऐसे बच्चे जो किसी कारणवश स्कूल में पढ़ना छोड़ चुके हैं, ऐसे बच्चों की लिस्ट बनाकर उनके घर शिक्षक जाये एवं उनके माता-पिता को बच्चों शिक्षा का महत्व बतायें। साथ ही बच्चों की उम्र के अनुसार शाला में प्रवेश दिया जाये, जिससे कि बच्चे पुनः अपनी पढ़ाई प्रारंभ कर सके। 6 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके समस्त बच्चों का कक्षा पहली में प्रवेश करवाया जाये। जिले में शत प्रतिशत बच्चों का शालाओं में शिक्षा ग्रहण करने हेतु नामांकन होना चाहिए।
कलेक्टर जयति सिंह ने कलेक्टर कार्यालय बड़वानी के सभागृह में आयोजित समय सीमा बैठक के दौरान उक्त बातें कही। बैठक के दौरान कलेक्टर ने छोटे बच्चों एवं अधिक आयु के वृद्धजनों के ईकेवायसी की समीक्षा करते हुए कहा कि उनके बायोमेट्रिक या आंखों के विजन के लिए ग्राम
पंचायतों एवं नगरीय निकायों में विशेष शिविर लगाये जाये। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री काजल जावला, अपर कलेक्टर सोहन कनाश, संयुक्त कलेक्टर रवि वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में निर्देश दिए कि सीएम हेल्प लाईन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि एल 1 एवं एल 2 स्तर पर ही शिकायत का निराकरण होना चाहिए। शिकायत में जवाब संतुष्टिपूर्वक दर्ज किया जाये। लोकसेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाले आवेदनों का निराकरण पदाभिहित अधिकारियों द्वारा समय सीमा में किया जाये। साथ ही समय समय पर एसडीएम लोक सेवा केन्द्रों का निरीक्षण कर आवेदनों की स्थिति एवं निराकरण की समीक्षा भी करे।
इसके अलावा निर्देश दिए कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत माइक्रो प्लान बनाकर स्क्रीनिंग करवाई जाये, जिससे कि जिले को टीबी मुक्त बनाया जा सके। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पुरानी बावड़ियों का संरक्षित करने का कार्य किया जाय। सुधार कार्य पुरानी पद्धति के अनुरूप करवाते हुए बावड़ियों के संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाय।
राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा कर कलेक्टर ने समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राकृतिक आपदा जैसे बेमौसम बरसात या ओलावृष्टि इत्यादि में किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने हेतु प्रकरणों का सर्वे एवं आकलन कर 7 दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित करे।
बड़वानी से संवाददाता लोकेश दावदे की रिपोर्ट