देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। लगातार बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों के बजट पर साफ दिखाई देने लगा है।
विशेषज्ञों के अनुसार मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ा है, जिसके चलते भारत में भी ईंधन की कीमतों में इजाफा हो रहा है। चार साल तक लगभग स्थिर रहने के बाद 15 मई 2026 से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हुआ।
जानकारी के मुताबिक 15 मई के बाद 19 मई और 23 मई को भी कीमतों में करीब 90-90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं 25 मई को चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में 2.46 रुपये से लेकर 2.87 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया। कुल मिलाकर अब तक ईंधन सात रुपये प्रति लीटर से अधिक महंगा हो चुका है।
ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की नाराजगी देखने को मिल रही है। कई यूजर्स ने फिल्म “पीपली लाइव” के चर्चित गीत “महंगाई डायन खाए जात है” का जिक्र करते हुए मौजूदा हालात पर व्यंग्य किया।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है। महंगे ईंधन के कारण आम जनता की चिंता बढ़ती जा रही है और महंगाई को लेकर बहस लगातार तेज हो रही है।