अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की मौत पर निरंजनी अखाड़े ने बड़ा सवाल उठाया है। इसके साथ ही उन्होंने घटनास्थल से मौजूद सुसाइड नोट को भी गलत बताया। निरंजनी अखाड़ा के रविंद्र पुरी ने कहा कि फांसी में सिर के पीछे चोट कैसे हो सकती है? ना जुबान चढ़ी, न आंखें.. तो ये फांसी कैसे हो सकती है।
