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क्या आपने कभी सोचा है कि बैंक नोट पर “मैं धारक को … रुपये अदा करने का वचन देता हूं” क्यों लिखा होता है? जानें कुछ और भी दिलचस्प बातें

क्या आपने कभी सोचा है कि बैंक नोट पर “मैं धारक को ... रुपये अदा करने का वचन देता हूं” क्यों लिखा होता है?, नहीं, तो आपको बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 26 के अनुसार, बैंकनोट के मूल्य का भुगतान करने हेतु बैंक उत्तरदायी होता है।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : अक्सर आपने विद्यार्थियों को कई प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी करते देखे होगा, इसे लेकर वे दिन-रात एक किये रहते है। लेकिन जब हम उनसे आम जीवन से ही जुड़ा कुछ ऐसे सवाल पूछ लेते है, जिसका वो भी जवाब नहीं दे पाते। वहीं अमूमन लोग भी जिन चीजों का इस्तेमाल करते है। उन्हें भी उस वस्तु की विशेष जानकारी नहीं होती। चाहे वह कोई डेली यूज का सामान हो या वो भारतीय नोट या करेंसी जिसका इस्तेमाल वो अन्य वस्तुओं की खरीददारी में करते है।

आइए जानते हैं नोट से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें:-  

भारतीय नोटों पर कितनी मुद्रित होती हैं भाषा?

क्या आप जानते हैं कि भारतीय नोटों पर भाषा पैनल में कितनी भाषाएं मुद्रित होती हैं? मतलब कि हिंदी और अंग्रेजी में प्रमुखता के अलावा और कितनी भाषाओं में मूल्य अंकित रहता है? नहीं, तो इसके लिए आप अपने पर्स में से कोई एक 100 रुपये का नोट निकालें, उसे पीछे पलटें। वहां सफेद भाग से सटी एक पट्टी में आपको 15 भाषाओं में 100 रुपये लिखा दिखाई देगा।

बैंक नोट पर मुद्रित होने वाले रेखाचित्र का निर्धारण कौन करता है?

क्या आप जानते हैं कि नए बैंक नोट पर मुद्रित होने वाले रेखाचित्र(फिगर) का निर्धारण कौन करता है? इसकी जानकारी आरबीआई की वेबसाइट पर बताया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा 25 के अनुसार, बैंकनोट की रूपरेखा (डिजाइन), स्‍वरूप और सामग्री आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड की अनुसंशा पर विचार करने के बाद केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदन के अनुरूप तय होती है।

“मैं धारक को… रुपये अदा करने का वचन देता हूं” क्यों लिखा होता है?

क्या आपने कभी सोचा है कि बैंक नोट पर “मैं धारक को … रुपये अदा करने का वचन देता हूं” क्यों लिखा होता है?, नहीं, तो आपको बता दें कि  भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 26 के अनुसार, बैंकनोट के मूल्य का भुगतान करने हेतु बैंक उत्तरदायी होता है। जारीकर्ता होने के कारण, मांग किए जाने पर यह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा देय होता है। उपरोक्त वाक्य आरबीआई की तरफ से इस बात की गारंटी है कि 100 रुपये के नोट के लिए धारक को 100 रुपये की देयता है। यह एक तरह से नोटों के मूल्य के प्रति आरबीआई का वचन है।

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