जिला कांग्रेस कमेटी और किसान कांग्रेस कमेटी द्वारा किसानों की समस्याओं को लेकर माधवगंज पर दिया गया धरना। कलेक्टर से मिलने कलेक्ट्रेट जाते समय पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका।
जिला कांग्रेस कमेटी और किसान कांग्रेस कमेटी द्वारा किसानों की समस्याओं को लेकर माधवगंज पर दिया गया धरना। कलेक्टर से मिलने कलेक्ट्रेट जाते समय पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका।
कलेक्टर चेंबर के बाहर चैनल गेट पर कर्मचारियों ने ताला लगा दिया था। जिस पर कांग्रेसियों ने उस चैनल गेट को भी धक्का मार मार के तोड़ दिया। पुलिस के पुख्ता इंतजाम के बाद भी कांग्रेसी कलेक्टर के चेंबर तक पहुंच गए।
शिक्षकों का कहना है कि पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच नए सिरे से तैयारी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाला है।
कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां किसान विरोधी है।
संघ के नेताओं का कहना था कि गेहूं खरीदी में लगातार देरी हो रही है, जबकि कई किसानों के पास अनाज रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और फसल खुले में पड़ी हुई है। आंधी-बारिश के चलते नुकसान हो रहा है।
लोगों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से मुख्य सड़क पर दुकान होने के कारण क्षेत्र में मारपीट, गाली-गलौज और जाम की स्थिति बनी रहती थी। हाल ही में दुकान को गली के अंदर शिफ्ट किया गया था, जिससे क्षेत्र में शांति बनी हुई थी।
हाल ही में हुई ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसानों को डीजल नहीं मिल पा रहा है, गृहणियों को गैस समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके अलावा कई अन्य मांगों को लेकर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने जनता के बीच अपनी बात रखी और केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया।
काफी मशक्कत के बाद नेता प्रतिपक्ष और सीमित संख्या में रहवासियों को निगम परिसर के अंदर जाने दिया गया, जहां उन्होंने एकत्रित होकर अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग रखी।
जब ग्रामीणों ने पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारी से की, तो वहां भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। विवाद बढ़ने पर डायल-112 और स्थानीय पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।
पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी आसिफ उर्फ बम ने रास्ते में पुलिस से पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें आरोपी घायल हो गया।
कविता पांडेय ने कहा कि गैस एजेंसी में लोग एक-एक किलोमीटर तक लाइन लगा रहे हैं। जबकि सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर पर 60 रुपए बढ़ा दिए उसके बावजूद भी समय पर लोगों को गैस नहीं मिल रही है।
प्रदर्शनकारियों ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और बाजार में इसकी अपर्याप्त उपलब्धता को सरकार की बड़ी विफलता करार दिया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर गूंजे सरकार विरोधी नारे, राजस्व मामले में पुलिस हस्तक्षेप पर उठे गंभीर सवाल, आदिवासी जमीन गैर आदिवासी के नाम होने पर निष्पक्ष जांच की मांग, 32 लोगों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने और गिरफ्तारी रोकने की मांग।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक किलोमीटर में बेहद घटिया निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि इस हिस्से में सामग्री और तकनीक दोनों में लापरवाही बरती गई है