डोईफोड़िया क्षेत्र के गोंद माफियाओं पर कार्रवाई। भूसे की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही थी खेप।
डोईफोड़िया क्षेत्र के गोंद माफियाओं पर कार्रवाई। भूसे की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही थी खेप।
फैज खान ने कुछ प्रमुख मुस्लिम हस्तियों के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को लेकर असुरक्षा की भावना जताना गलत है। उन्होंने कहा कि “सबसे सुरक्षित अगर कोई जगह है, तो वह हिंदुस्तान है।
सिलमपुरा स्थित प्राचीन स्वामीनारायण मंदिर इस दौरान विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां भव्य प्रभात फेरी निकाली गई। भक्ति गीतों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ निकली इस प्रभात फेरी ने पूरे नगर का भ्रमण किया।
संतों का मानना है कि गौ रक्षा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था और कृषि व्यवस्था भी मजबूत होती है। गौ संरक्षण से गोधन में वृद्धि होगी, जिससे खेती को बल मिलेगा और किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
इस पहल के तहत आंगनवाड़ी के 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 6 बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जिससे वे आंगनवाड़ी से विद्यालयीन शिक्षा की ओर कदम बढ़ा सकें।
बड़वानी की टीम ने 8 विकेट से मैच जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। मैच में काव्यांश मालवीया ने सर्वाधिक 45 का योगदान दिया।
जिला प्रशासन कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का डायवर्जन, जमाखोरी, अवैध भंडारण, कम तौल तथा कालाबाजारी को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और कार्रवाई करेगा।
मोहम्मदपुरा में अवध वाटिका नाम से कॉलोनी के निर्माण किया जा रहा था, कॉलोनाइजर द्वारा अवैध रूप से नाले को बंद कर रास्ता बना दिया गया था।
समय के साथ यह सामुदायिक भवन रिकॉर्ड से लगभग गायब हो गया था। हाल ही में की गई विस्तृत जांच के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह भवन वास्तव में शहर के एक निजी शिक्षण संस्थान (निमाड़ वेली स्कूल) परिसर में मौजूद है।
प्रतिमा स्थापना के लिए परमिशन 2019 को ही जारी हो चुकी थी किंतु निगम की लापरवाही के चलते प्रतिमा स्थापित अभी तक नहीं हो पाई थी लेकिन अब निगम ने परिषद में प्रस्ताव पास कर प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है, जिसे लेकर प्रतिमा स्थापित करने के लिए स्ट्रक्चर भी बना दिया गया था।
दुकानदारों का कहना है कि यहां हर दिन जाम लगता है, ग्राहक भी परेशान होकर लौट जाते हैं, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। रोजेदारों और मजदूरों को भी इस स्थिति का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि मूल गांव छोटा बड़दा से विस्थापित कर यहां लाया गया था, लेकिन जीवनयापन के लिए आवश्यक संसाधन अब भी नदारद हैं।
बताया जा रहा है कि यह भूमि पूर्व में कृषि थी, जिसे एक कॉलोनाइजर द्वारा प्लॉट काटकर बेचा गया। ऐसे में पंचायत को यहां कोई राजस्व प्राप्त नहीं होता, फिर भी सड़क निर्माण किया जा रहा है।
डैमेज कंट्रोल में जुटे भाजपा नेता। बुरहानपुर की शियासत में मचा हड़कंप।
24 फरवरी को आयोजित बैठक में प्रदेश के बस मालिकों और पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि अगर सरकार ने नई नीति में संशोधन नहीं किया तो बस संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।