पुलिस ने मौके से नियमों के उल्लंघन के आरोप में ट्रक को जब्त किया गया है और चालक शिवकुमार पटेल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
पुलिस ने मौके से नियमों के उल्लंघन के आरोप में ट्रक को जब्त किया गया है और चालक शिवकुमार पटेल के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
पेंशनर्स संघ ने मांग की है कि 80 वर्षीय सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक भरत सिंह चौहान और उनकी पत्नी के खिलाफ पन्ना जिले के मंडला थाने में केस दर्ज किया गया है। संघ का आरोप है कि यह एफआईआर 'असत्य तथ्यों' पर आधारित है।
चौकी खितौली थाना बरही पुलिस के अनुसार अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
कई रेलवे स्टेशनों पर कोयले की चोरी कर उसका अवैध भंडारण और व्यापार किया जा रहा है। यह पूरा नेटवर्क अब संगठित रूप लेता नजर आ रहा है।
टेहरका गांव में भू-माफियाओं द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर अतिक्रमण कर कॉलोनी निर्माण किया जा रहा था। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने कलेक्टर की जन सुनवाई में की गई थी।
सांसद वी.डी. शर्मा और विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद। पानी–सड़क–बिजली पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश, 9 करोड़ की सड़क स्वीकृत।
उत्पीड़न से परेशान होकर महिला करीब आठ महीने पहले उसने गणेशखेड़ा निवासी प्रवेश लोधी के साथ शादी कर ली। महिला का आरोप है कि उसका पहला पति आशाराम जाटव उसे और उसके वर्तमान पति प्रवेश लोधी को लगातार धमका रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है।
अतिक्रमण के मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि फिलहाल कार्रवाई यथावत रखी जाएगी और प्रभावित लोगों को कुछ समय दिया जाएगा। साथ ही जिन लोगों के पट्टे हैं, उनकी जांच एसडीएम के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पीड़ित किसान ने पटवारी के घर पहुंचकर रिश्वत के 2 हजार रुपए दिए वैसे ही लोकायुक्त टीम ने पटवारी देवेंद्र जैन को मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया।
लोकायुक्त की टीम ने आरक्षक श्वेता अहिरवार के साथ सहयोगी मोहित साहू को भी गिरफ्तार किया है। आरक्षक ने नागपुर-जबलपुर हाईवे (बरगी) से गाड़ियां सुरक्षित निकलवाने के बदले रकम की मांग की थी।
मोहम्मदपुरा में अवध वाटिका नाम से कॉलोनी के निर्माण किया जा रहा था, कॉलोनाइजर द्वारा अवैध रूप से नाले को बंद कर रास्ता बना दिया गया था।
कलेक्टर जयति सिंह के निर्देशन पर मिलावट से मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत विभाग के अधिकारियों द्वारा दुकानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच कर नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है।