अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद तालिबान लगातार सरकार गठन की तैयारी में जुटा हुआ है। जिसका अब नया स्वरूप आते दिख रहा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से सूत्रों के मुताबिक, तालिबान सरकार का नेतृत्व मुल्ला अब्दुल गनी बरादर करेंगे।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद तालिबान लगातार सरकार गठन की तैयारी में जुटा हुआ है। जिसका अब नया स्वरूप आते दिख रहा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से सूत्रों के मुताबिक, तालिबान सरकार का नेतृत्व मुल्ला अब्दुल गनी बरादर करेंगे।
आपको बता दें कि यह वीडियो पंजाब प्रांत के जेल मंत्री व सरकार के प्रवक्ता फयाज अल हसन चौहान का है। इसमें जेल मंत्री दांतों से रिबन काटते हुए दिखाई दे रहे हैं। खास बात यह है कि उन्होंने यह वीडियो खुद अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है।
नॉर्दर्न एलायंस की मानें तो अभी तक तालिबान अपनी किसी भी कोशिश में सफल नहीं हुआ है। नॉर्दर्न एलायंस का कहना है कि पंजशीर की हर एंट्री पर हमारी नज़र है, शोतुल में तालिबान की ओर से घुसपैठ की कोशिश को हमने नाकाम कर दिया है।
तूफान ‘ईडा’ के सामने अमेरिका पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है। तूफान के प्रभाव से भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इसके बाद आयी बाढ़ के कारण सड़कें तालाब बन गई हैं। सबवे पर ऐसा नजारा है मानो झरने बह रहे हों। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ गई।
अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान लगातार ऐसी कई हरकते कर रहा है, जिससे उसके कथनी और करनी में हमेशा फर्क नजर आता है। ऐसा ही फर्क एक बार फिर तालिबान के प्रवक्ता के बयान से सामने आया है। जिसने कश्मीर में रहने वाले मुसलमानों को लेकर बड़ा बयान दिया है।
नेपाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही चीन और नेपाल के संबंध में खटास नजर आ रहा है। जिससे चीन को तगड़ा झटका लग सकता है। आपको बता दें कि नेपाल की देउबा सरकार ने चीन के कब्जे वाली जमीन की जांच के लिए एक हाईलेवल कमेटी के गठन का ऐलान किया है।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से तालिबान लगातार पंजशीर को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहा है। इसे लेकर तालिबान और नॉर्दर्न एलायंस के बीच की जंग अभी भी जारी है। दोनों पक्षों के बीच जो बातचीत हो रही थी वो फेल हो गई है।
जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को फैलाने में जुटे अलगाववादी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। गिलानी की मौत से पाकिस्तान सरकार को गहरा सदमा लगा है। जिससे वो बौखलाया हुआ है, और भारत के विरुद्ध जहर उगल रहा है।
देश में लगातार आतंकी घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे है। जिसे लेकर सुरक्षाबल भी उन्हें मुंहतोड़ जवाब दे रहे है। अब जबकि तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद जेलों से कई कैदियों को रिहा कर दिया गया है, उससे यह संकट और गहरा सकता है। इस कारण भारतीय खुफिया एजेंसी NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) के रडार पर अफगानिस्तान में रह रहे 25 भारतीय नागरिक है।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से लगातार आतंकी संगठनों द्वारा अफगानी जमीन का इस्तेमाल का संकट अन्य देशों पर मंडरा रहा था, इसे लेकर भारत ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। दरअसल भारत ने UNSC की बैठक में अफगानिस्तान में तालिबान राज आने के बाद किसी दूसरे देश के खिलाफ जमीन का इस्तेमाल न होने का प्रस्ताव पारित किया है।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद लगातार पाकिस्तान और आतंकी संगठन जैश की ओर से ऐसे कई बयान सामने आये थे, जिसमें तालिबान द्वारा जम्मू-कश्मीर पर हमले की बात कहीं जा रही थी। हालांकि तालिबान ने इन सभी बयानों को दरकिनार कर दिया है।
अफगानिस्तान के अधिकतर हिस्सों को अपने कब्जे में ले चुके तालिबान ने एक बार फिर पंजशीर में घुसपैठ की कोशिश की, जहां उसे फिर मुंह की खानी पड़ी। इसके बावजूद वो अपने दुस्साहसी कदमों से सबक नहीं ले रहा है।
अफगानिस्तान से सैन्य वापसी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास काबुल छोड़ने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। वहां लाखों-करोड़ों डॉलर खर्च किए गए और ये अभियान बेहद महंगा साबित हो रहा था। इसके साथ ही उन्होंने अपने संबोधन में अफगानिस्तान में अमेरिकी मिशन को कामयाब बताया।
सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक एयरपोर्ट ड्रोन हमला हुआ है, जिसमें 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, वहीं एक यात्री विमान भी नुकसान क्षतिग्रस्त हो गया है। सऊदी अरब की आधिकारिक मीडिया के मुताबिक यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जारी जंग के दौरान अब सऊदी अरब के एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया है।
अफगानिस्तान की सरजमीं से अमेरिका के वापस लौटते ही एक बार फिर तालिबान ने अपना असली रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जिसे लेकर अफगानिस्तान नागरिकों में जहां खौफ का माहौल है, वहीं पंजशीर घाटी में जंग के हालात है।