नई दिल्ली : अफगानिस्तान की सरजमीं से अमेरिका के वापस लौटते ही एक बार फिर तालिबान ने अपना असली रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जिसे लेकर अफगानिस्तान नागरिकों में जहां खौफ का माहौल है, वहीं पंजशीर घाटी में जंग के हालात है। दरअसल सोमवार देर रात को जब अमेरिका काबुल (Kabul) से अपने आखिरी विमान को रवाना कर रहा था, तब तालिबान के लड़ाकों ने पंजशीर पर धावा बोल दिया।
तालिबान के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे नॉर्दर्न एलायंस ने दावा किया कि सोमवार की रात को तालिबान के लड़ाकों ने पंजशीर (Panjshir) घाटी में घुसने की कोशिश की। इस दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई और इस लड़ाई में तालिबान के 7-8 लड़ाके मारे गए हैं।
नॉर्दर्न एलायंस के मुताबिक, इस गोलीबारी में उनके भी दो लड़ाके इस लड़ाई में मारे गए हैं। गौरतलब है कि तालिबान ने अफगानिस्तान के पूरे मुल्क पर कब्जा जमा लिया है, लेकिन वह अभी तक पंजशीर को अपने काबू में नहीं कर पाया है। यहां पर अहमद मसूद की अगुवाई में नॉर्दर्न एलायंस के लड़ाकों ने तालिबान के खिलाफ जंग छेड़ी हुई है।
शेर-ए-पंजशीर अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद और अफगानिस्तान (Afghanistan) के कार्यवाहक राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह की अगुवाई में नॉर्दर्न एलायंस द्वारा तालिबान के खिलाफ मोर्चा खोला गया है। बीते कुछ दिनों में तालिबान ने कई बार यहां पर घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन हर बार वो नाकाम हुआ है। बीते दिनों दावा किया गया कि तालिबान के करीब 300 आतंकी यहां मारे गए थे।
हालांकि, दोनों ओर से बातचीत की कोशिशें भी की जा रही हैं। तालिबान ने बीते दिनों दावा किया था कि वह पंजशीर के लोगों से बात कर रहा है। वहीं, नॉर्दर्न एलायंस के अहमद मसूद ने स्पष्ट किया था कि वह तालिबान से बातचीत के लिए तैयार हैं, साझा सरकार को लेकर भी चर्चा है। लेकिन अगर तालिबान जंग चाहेगा तो जंग भी लड़ी जाएगी।
अमेरिका की अफगानिस्तान से हुई वापसी
आपको बता दें कि तालिबान ने अमेरिका की वापसी के लिए 31 अगस्त की तारीख मुकर्रर की थी। लेकिन उससे पहले ही अमेरिका 30 अगस्त की देर रात को अपने आखिरी विमान के साथ वापस लौट गया। इसी के साथ अफगानिस्तान में अमेरिका की 20 साल लंबी मौजूदगी भी खत्म हुई है। अमेरिका ने पहले 31 अगस्त 2021 की तारीख तय की थी, लेकिन 24 घंटे पहले ही उसने अफगानिस्तान छोड़ दिया। अब काबुल का एयरपोर्ट भी तालिबान के कब्जे में है।