पन्ना जिले में वन विभाग के अमले से मारपीट और धमकी के मामले में कांग्रेस नेता भरतमिलन पांडेय की जमानत याचिका खारिज हो गई है। पुलिस ने उन्हें जबलपुर से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।जहां से जेल भेज दिया गया। आरोप है कि उन्होंने भाई भतीजे के साथ मिलकर जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाई और वनकर्मियों से अभद्रता की।मामले में उनके भाई और भतीजे अभी भी फरार हैं।
मामला धरमपुर रेंज की पिस्टा बीट का था। जहां विगत दिनों वन विभाग की टीम अवैध पत्थर उत्खनन पर कार्रवाई करने पहुंची थी। इसी दौरान लखनलाल पांडेय और उसके साथियों ने वनपाल महीप कुमार रावत सहित वनकर्मियों के साथ हाथापाई की। आरोप है कि आरोपियों ने वर्दी खींची, मोबाइल और ट्रैक्टर की चाबी छीन ली और जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन छुड़ा ले गए।
वन अमले ने शिकायत में कांग्रेस नेता भरतमिलन पांडेय पर भी गंभीर आरोप लगाए। बताया गया कि वह मौके पर पहुंचे और आरोपियों का समर्थन करते हुए वनकर्मियों को धमकाया। घटना के बाद अजयगढ़ थाने में लखनलाल पांडेय और सोलु पांडेय के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान भरतमिलन पांडेय का नाम भी जोड़ा गया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें जबलपुर से गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से जमानत निरस्त होने पर जेल भेज दिया गया है। वहीं उनके भाई और भतीजे अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पन्ना से संवाददाता राजेश रावत की रिपोर्ट