ज़मीनी स्तर पर इससे जुड़े सभी लोगों के लिए, उसका जन्मदिन एक औपचारिक समारोह से कहीं अधिक एक गर्व और खुशी का पल था।
ज़मीनी स्तर पर इससे जुड़े सभी लोगों के लिए, उसका जन्मदिन एक औपचारिक समारोह से कहीं अधिक एक गर्व और खुशी का पल था।
पेट्रोल-डीजल को लेकर उन्होंने कहा कि देश में पर्याप्त स्टॉक है और कीमतें स्थिर हैं। उन्होंने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर संकट के समय राजनीति करने का आरोप लगाया।
आयोग ने अपनी टैरिफ लिस्ट में यह भी जिक्र किया है कि बाहर दूसरे राज्यों को जो बिजली दी जाएगी, उसकी कीमत 3.81 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बेची जाएगी। आयोग के ही आदेश में प्रदेश की जनता के लिए 7.05 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है।
23 मार्च से 29 मार्च तक होमगार्ड लाइन उज्जैन में चल रहे इस प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में 165 युवाओं को शामिल किया गया है।
नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि अगर जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लेते तो पेयजल की समस्या सामने नहीं आती।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत सरकार की तरफ से जारी होने वाली जानकारियों पर ही विश्वास करने की अपील की।
किसानों के मामले में जीतू पटवारी ने सवाल किया कि मक्का का 2400 रुपए समर्थन मूल्य है, छिंदवाड़ा में 1500 में क्यों बिक रही है? सरकार ने 6000 रुपए सोयाबीन का मूल्य तय किया था क्यों नहीं खरीदी?
सहयोग सम्मेलन से निवेश, निर्यात, ओडीओपी, शिल्प और पर्यटन को मिलेगी नई गति। अंतर्राज्यीय सहयोग का नया मॉडल गढ़ेगा एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन।मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सक्रिय उपस्थिति इस आयोजन को नीति-निर्माण से आगे बढ़ाकर क्रियान्वयन आधारित सहयोग की दिशा में परिवर्तित करेगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच विकास का एक सशक्त और दीर्घकालिक मॉडल विकसित होगा।
एक तरफ बढ़ती बिजली दरों को लेकर राजनीतिक घमासान है, तो दूसरी तरफ आपराधिक घटनाओं ने सरकार की चुनौती बढ़ा दी है।
राज्य स्तरीय उड़नदस्ता सवालों के घेरे में, मौके पर बिना जांच लौटने की बात आई सामने, GPS फोटो में 120 से अधिक पेड़ों की कटाई के सबूत, फिर भी रिपोर्ट में सिर्फ एक पेड़ दर्शाया गया, अंडर ट्रेनिंग IFS अधिकारी की भूमिका संदिग्ध।
वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई लोग तो बिना पेट्रोल लिए ही वापस लौटने को मजबूर हैं।
सम्मेलन के दौरान ‘लोकतंत्र में युवा भूमिका’ और ‘विकसित भारत @2047’ विषयों पर चर्चा होगी। युवा विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की सफलता की कहानियां साझा करेंगे और आने वाली चुनौतियों पर बातचीत करेंगे।
इस दौरान उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह आंसुओं और चीखों के पीछे केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही, अव्यवस्था और जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने की प्रवृत्ति भी जिम्मेदार है।
स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत नलखेड़ा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
चाक बारा में दमकल वाहन कच्चा रास्ता होने के कारण मौके तक नहीं पहुंच सका और वाहन को लौटना पड़ा। जिसके चलते आग पर काबू नहीं किया जा सका। आग लगने से हजारों पेड़ और कई वन्यजीव जलकर नष्ट हो चुके हैं।