श्योपुर: कुनो राष्ट्रीय उद्यान में आज एक शांत खुशी का माहौल है, क्योंकि भारत में जन्मी पहली भारतीय मूल की मादा चीता ‘मुखी’ आज तीन साल की हो गई है।
समय के साथ ‘मुखी’ ने खुद को पूरी तरह जंगल के माहौल में ढाल लिया है। अब वह एक स्वस्थ वयस्क चीता है और अपना कुनवा बढ़ाने के साथ ही शिकार करने में भी पूरी तरह सक्षम हो चुकी है।
मादा चीता ‘मुखी’ का एक नन्ही शावक से लेकर अब एक आत्मविश्वासी वयस्क और यहां तक कि एक मां बनने तक मुखी का सफर वाकई खास रहा है। वह कई मायनों में इस बात का प्रतीक है कि भारत में चीता की कहानी कितनी आगे बढ़ चुकी है। ज़मीनी स्तर पर इससे जुड़े सभी लोगों के लिए, उसका जन्मदिन एक औपचारिक समारोह से कहीं अधिक एक गर्व और खुशी का पल था।
श्योपुर से संवाददाता जेपी शर्मा की रिपोर्ट