मजदूरों का कहना था कि ठेकेदार द्वारा आठ एमएम का सरिया लगवाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि नीचे जमीन पर ही बीम ढलवाया जा रहा है जो गलत है। साथ ही मजदूरों ने ठेकेदार पर कम मजदूरी देने का भी आरोप लगाया है।
मजदूरों का कहना था कि ठेकेदार द्वारा आठ एमएम का सरिया लगवाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि नीचे जमीन पर ही बीम ढलवाया जा रहा है जो गलत है। साथ ही मजदूरों ने ठेकेदार पर कम मजदूरी देने का भी आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने गांव में पुल से जुड़ी समस्या भी बताई, जिस पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शीघ्र समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों-शिक्षिकाओं ने रैली निकाल कर किया विरोध प्रदर्शन। शिक्षकों ने शासन से मांग की है कि TET परीक्षा को अनिवार्य करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए।
वई जनपद पंचायत अध्यक्ष मोहनी आनंद मिश्रा ने आज बुधवार 8 अप्रैल को अब सीधे कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि शराब पीकर लोग ऐसी गाली-गलौज और बवाल काटते हैं कि बेटियों का घर से निकलना दूभर हो गया है।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पॉलिटेक्निक कॉलेज और छात्रावास के पास शराब दुकान संचालित होने से छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है।
तामिया जनपद पंचायत सामान्य सभा के इतिहास में यह पहला अवसर माना जा रहा है जब पक्ष और विपक्ष दोनों तीनों ने एक साथ जनपद पंचायत तामिया के सीईओ के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके तत्काल स्थानांतरण की मांग की।
शिक्षकों ने कहा कि “गली से लेकर दिल्ली तक भाजपा की सरकार है, फिर भी अगर हमारी बात नहीं सुनी जाती है, तो हम दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देंगे और लाखों शिक्षक मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे।
डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है। इसलिए यह कांग्रेस के लोग आरोप लगाते फिरते नजर आ रहे हैं।
वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, अजय जामवाल, डॉ महेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खण्डेलवाल शामिल रहे। बैठक में निर्देश दिए गए कि गेहूं उपार्जन के पहले दिन किसानों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाए।
कलेक्टर ने समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राकृतिक आपदा जैसे बेमौसम बरसात या ओलावृष्टि इत्यादि में किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने हेतु प्रकरणों का सर्वे एवं आकलन कर 7 दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित करे।
जनपद सीईओ का निलंबन मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 के तहत किया गया है।
आचार्य ने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय पर न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और कार सेवा जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने न्यायालय में याचिका दायर की है।
जल संसाधन संभाग पन्ना में वाहनों के भुगतान में अपनाई जा रही अलग-अलग प्रक्रिया। ईएनसी के निर्देशों की अवहेलना कर वाहन मालिक को 29 लाख से अधिक का भुगतान।
विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन सक्रिय हो गया है। कुलसचिव अनिल शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं कुलपति अर्पण भारद्वाज ने परीक्षा नियंत्रक से जवाब तलब करते हुए बैठक बुलाई है।