आश्रम के लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी संतों को उज्जैन में आयोजित सिंहस्थ 2028 में आने का निमंत्रंण भी दिया।
आश्रम के लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी संतों को उज्जैन में आयोजित सिंहस्थ 2028 में आने का निमंत्रंण भी दिया।
यह कर्मचारी लंबे समय से एक केमिकल फैक्ट्री में कार्यरत थे। जहां पेस्टिसाइड्स से जुड़े रसायनों का निर्माण किया जाता है।
इस संग्रहालय में प्राचीन भारत से लेकर आधुनिक भारत तक की गौरवशाली गाथाएं एक ही छत के नीचे देखने को मिलेंगी। सम्राट विक्रमादित्य के युग से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक के महान नायकों की कहानियां, इमर्सिव तकनीक और ओपन थिएटर के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत की जाएंगी।
उज्जैन सिर्फ धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि खगोल विज्ञान और समय गणना का एक ऐतिहासिक केंद्र भी रहा है। प्राचीन समय में इसे पृथ्वी और आकाश के बीच संतुलन बिंदु माना जाता था, यही कारण है कि इसे “भारत का ग्रीनविच” कहा जाता है।
इससे पहले इस गद्दी पर महंत प्रकाश पुरी पदस्थ थे। उन्होंने भी स्वास्थ्य कारणों से यह पद छोड़ दिया था। मंदिर प्रबंध समिति ने इसके बाद भस्मआरती की जिम्मेदारी अखाड़े के ही गणेश पुरी को दी थी।
सात दिन नगरवासी तरणताल में आकर कर सकेगें स्विमिंग। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 8.30 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित तरणताल का किया लोकार्पण।
गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक 139 दिन तक प्रदेश में चलेगा जल गंगा संवर्धन अभियान 3.0। मुख्यमंत्री ने जल के अपव्यय रोकने और एक-एक बूंद संग्रहण के लिए दिलाई शपथ। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रदेश में होंगे 2500 करोड़ राशि से विकास कार्य। अमृत 2.0 परियोजना में इंदौर को 22 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात। इंदौर के बिलावली, लिम्बोदी और छोटा सिरपुर तालाब के जीर्णोद्धार
कुस्ती, शूटिंग, स्वीमिंग समेत जिस भी गेम में पुरस्कार मिलता है उसमें मध्यप्रदेश का बच्चा जरूर शामिल होता है। यहां तक कि दिव्यांग बेटियों का जो वर्ल्डकप हुआ था उसमें भी मध्यप्रदेश की बेटियों को भी मौका मिला है।
उज्जैन में इंफ्लुएंसर्स मीट में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स का जमावड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंफ्लुएंसर्स से मुलाकात की।
विशाल मिश्रा ने करीब दो घंटे तक आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। इस दौरान वे भगवान महाकाल की भक्ति में लीन नजर आए।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिन्दू नववर्ष का शुभारंभ होने पर चैत्र मास ऋतु परिवर्तन का होता है। इस माह में ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत होती है। इसके प्रभाव से वात, कफ, पित्त की वृद्धि होती है। इससे अनेक रोग जन्म लेते हैं। वात, कफ, पित्त के निदान के लिए नीम के सेवन का महत्व है।
उत्सव के दूसरे चरण में “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने की पहल की जाएगी। इस आयोजन में कई जनप्रतिनिधि और संत महात्मा भी शामिल होंगे।
मां शिप्रा तैराक दल द्वारा विशेष सेवाएं दी जा रही हैं, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित रूप से स्नान कर सकें। घाट पर तैनात तैराक दल न केवल सुरक्षा का ध्यान रखता है, बल्कि आपात स्थिति में तुरंत नदी में उतरकर लोगों की जान बचाने का कार्य भी करता है।
मुख्यमंत्री ने स्व. गुरकीरत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ये हमारे राज्य और खासकर हमारे शहर का ही परिवार है। इसलिए यहां से कनाडा जाने, अंतिम संस्कार सहित जैसा भी तय होगा, सरकार मदद करेगी।
कनाडा में पढ़ाई करने वाले छात्र गुरकीरत सिंह की मौत से व्यथित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव।