उज्जैन: धार्मिक नगरी उज्जैन में संत समाज की सुरक्षा को लेकर एक चिंताजनक घटना सामने आई है। श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़े के महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज की कार पर देर रात अज्ञात युवकों ने पथराव कर दिया। हमले में वाहन क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि महामंडलेश्वर बाल-बाल बच गए। घटना के बाद उन्होंने महाकाल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज देवास से लौटकर अपने सदावल रोड स्थित आश्रम जा रहे थे। इसी दौरान हनुमानगढ़ी क्षेत्र के पास कुछ अज्ञात युवकों ने उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी को रोकने का प्रयास किया।
महामंडलेश्वर का आरोप है कि जब वाहन नहीं रोका गया तो चार युवकों ने कार पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पथराव में वाहन के सामने के शीशे टूट गए और कार को नुकसान पहुंचा। हालांकि घटना में महामंडलेश्वर को कोई शारीरिक चोट नहीं आई।

ad
घटना के तुरंत बाद महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज महाकाल थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं उज्जैन की धार्मिक पहचान और प्रतिष्ठा को प्रभावित कर रही हैं।
महामंडलेश्वर ने कहा कि यदि संतों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पाती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में संत समाज को अपने भविष्य को लेकर विचार करना पड़ सकता है।
इस घटना के बाद संत समाज और श्रद्धालुओं में भी चिंता का माहौल है। धार्मिक नगरी में संतों पर हमले की घटना ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्ध युवकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे की वजहों का पता लगाने में जुटी हुई है। वहीं संत समाज की नजरें अब पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के अगले कदमों पर टिकी हैं।