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बेरोजगारी और पेपर लीक के खिलाफ शाजापुर में युवाओं का मार्च, NTA खत्म करने की उठी मांग

शाजापुर में बेरोजगारी, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ यूथ मार्च निकाला गया। आंदोलनकारियों ने NTA समाप्त करने और रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती की मांग उठाई।

By: BS Yadav 
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बेरोजगारी और पेपर लीक के खिलाफ शाजापुर में युवाओं का मार्च, NTA खत्म करने की उठी मांग

शाजापुर: बढ़ती बेरोजगारी, लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और रिक्त सरकारी पदों पर स्थायी भर्ती की मांग को लेकर “मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट” (बेरोजगारी विरोधी आंदोलन) द्वारा निकाला जा रहा राज्यव्यापी यूथ मार्च बुधवार शाम शाजापुर पहुंचा। इस दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर युवाओं ने अपनी मांगों को बुलंद किया।

आज़ाद चौक, हाट मैदान, महूपुरा और धोबी चौराहा सहित कई स्थानों पर आयोजित सभाओं में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और आमजन शामिल हुए। आंदोलन के राज्य संयोजक प्रमोद नामदेव ने कहा कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक केंद्र सरकार और NTA की गंभीर लापरवाही का परिणाम है, जिसका खामियाजा करोड़ों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2015 से 2026 के बीच देश में 148 परीक्षा घोटाले सामने आए, 87 परीक्षाएं रद्द हुईं और करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि परीक्षा घोटालों में दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से युवाओं में निराशा बढ़ रही है।

बेरोजगारी विरोधी आंदोलन के शाजापुर प्रभारी मनोज रजक ने कहा कि लगातार पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली के कारण युवाओं का परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठता जा रहा है। उन्होंने हाल ही में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक, जेल प्रहरी एवं सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा की एक पाली निरस्त होने का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग की।

उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को दूर-दराज परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई युवा लगातार असफल और अनिश्चित भर्ती प्रक्रियाओं से हताश हो रहे हैं। इसलिए भर्ती परीक्षाओं में जवाबदेही तय कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

सभा को सुनील सेन और अजय राव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन भारत सिंह चौहान ने किया।

प्रमुख मांगें
NEET सहित सभी पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए।
परीक्षा घोटालों में शामिल अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो।
भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
NTA को समाप्त कर परीक्षाओं का संचालन सीधे सरकार द्वारा किया जाए।
भर्ती परीक्षाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर पूर्ण अंकुश लगाया जाए।
मध्यप्रदेश सहित देशभर में रिक्त सरकारी पदों पर स्थायी भर्ती की जाए।
समाप्त किए जा रहे सरकारी पदों को बहाल किया जाए।
सरकारी स्कूलों को बंद करने की नीति वापस ली जाए।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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