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जनजातीय परिवार के घर पहुंचे CM डॉ. मोहन यादव, गोदड़ी पर बैठकर किया भोजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ के थांदला में जनजातीय परिवार के घर पहुंचकर उनके साथ भोजन किया, बहनों से राखी बंधवाई और बच्चों से संवाद किया। जनजातीय संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं पर भी चर्चा की।

By: BS Yadav 
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जनजातीय परिवार के घर पहुंचे CM डॉ. मोहन यादव, गोदड़ी पर बैठकर किया भोजन

झाबुआ: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ जिले के थांदला दौरे के दौरान जनजातीय समुदाय के बसंत सिंह बामनिया के घर पहुंचकर उनके परिवार के साथ आत्मीय समय बिताया। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से संवाद किया, जनजातीय परंपराओं को करीब से जाना और सावन माह में रक्षाबंधन से पहले परिवार की महिलाओं से राखी बंधवाकर उन्हें सम्मान दिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से भी मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए थांदला पहुंचे थे। इस अवसर पर उनके साथ जनजातीय कार्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शाह, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया तथा सांसद अनीता नागर सिंह चौहान भी मौजूद रहीं।

गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में किया भोजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय परिवार के बीच पूरी सादगी के साथ गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में पारंपरिक भोजन ग्रहण किया। मिट्टी और गारे से बने घर के आंगन में परिवार के साथ बैठकर उन्होंने उड़द की दाल, पानिया सहित पारंपरिक जनजातीय व्यंजनों का स्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने भोजन की सराहना करते हुए परिवार के स्नेह और आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया।

बहनों ने बांधी राखी, बच्चों को दिया स्नेह

रक्षाबंधन से पहले जनजातीय समुदाय की महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी और उनके सुखद एवं मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।मुख्यमंत्री ने परिवार की लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी आत्मीय संवाद किया और नन्हे शिवांश को स्नेहपूर्वक दुलारते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

जनजातीय संस्कृति को बताया प्रदेश की अमूल्य धरोहर

भोजन के बाद मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से उनकी आजीविका, शिक्षा, बच्चों के भविष्य और शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और जीवन-मूल्य मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं तथा राज्य सरकार उनके सम्मान और सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

पीएम आवास मिलने के बाद भी नहीं छोड़ा पुश्तैनी मिट्टी का घर

परिवार के मुखिया बसंत सिंह बामनिया ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान मिल चुका है, लेकिन उनका परिवार आज भी अपने पुराने मिट्टी और गारे से बने पुश्तैनी घर में रहना पसंद करता है। उन्होंने बताया कि यह घर उनके पूर्वजों की स्मृतियों, पारिवारिक परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। मिट्टी के घर का प्राकृतिक वातावरण उन्हें आज भी सुकून और अपनापन देता है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका परिवार मध्यप्रदेश शासन की संबल योजना का लाभार्थी भी है।

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