भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित रंगमंच 2026 महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने महान संत नीम करौली महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारत की आध्यात्मिक परंपरा, संस्कृति और संतों की विरासत को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान केवल उसके ज्ञान, शास्त्र और परंपराओं से नहीं, बल्कि उन संत महापुरुषों से भी है जिन्होंने प्रेम, तपस्या और आध्यात्मिक साधना के माध्यम से मानवता को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की यही आध्यात्मिक शक्ति विश्वभर में सम्मान का कारण है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1964 में स्थापित यह तपोभूमि आज देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत की संत परंपरा ने सदियों से समाज को प्रेम, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक विरासत केवल देश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में सम्मान और प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने संतों के आदर्शों को वर्तमान समाज के लिए भी प्रासंगिक बताते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।