दिल्ली में हुए CJP प्रोटेस्ट और युवाओं की सक्रिय भागीदारी का जिक्र अब पाकिस्तान में भी चर्चा का विषय बन गया है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने युवाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी और मौजूदा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है। उनके बयान को लेकर माना जा रहा है कि दक्षिण एशिया में Gen-Z की बढ़ती सक्रियता ने सरकारों का ध्यान खींचा है।
एक कार्यक्रम में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि देश की प्रशासनिक व्यवस्था लोगों की उम्मीदों के अनुरूप काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते सुधार नहीं किए गए तो आने वाले समय में बड़े जनआंदोलन और राजनीतिक अस्थिरता जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था का समर्थन करते हुए कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए जवाबदेही और प्रभावी प्रशासन बेहद जरूरी है।
मोहसिन नकवी ने युवाओं की बदलती सोच और उनकी सक्रिय भूमिका का उदाहरण देते हुए CJP आंदोलन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार, पारदर्शिता, बेहतर शासन और मूलभूत सुविधाओं जैसे विषयों को लेकर अपनी आवाज उठा रही है। उनके इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि भारत में युवाओं के आंदोलनों की गूंज अब पड़ोसी देशों तक पहुंच रही है और वहां की सरकारें भी Gen-Z की भूमिका को गंभीरता से देख रही हैं।

नकवी ने कहा कि किसी भी देश के लिए युवाओं की उम्मीदों और समस्याओं को नजरअंदाज करना लंबे समय में नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने चुनावी राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उनके अनुसार, जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए सरकारों को रोजगार, आर्थिक स्थिरता और बेहतर सुविधाओं जैसे मुद्दों पर प्रभावी कदम उठाने होंगे।
मोहसिन नकवी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान आर्थिक चुनौतियों, राजनीतिक तनाव और प्रशासनिक सुधारों की मांगों से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए राजनीतिक नेतृत्व, प्रशासन और समाज को मिलकर व्यवस्था में सुधार के लिए काम करना होगा।