नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रबी अभियान 2026 की शुरुआत करते हुए राज्यों के साथ मिलकर जलवायु अनुकूल कृषि व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया। अभियान के दौरान खेती में पानी की उपलब्धता, बेहतर सिंचाई प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सहित किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय स्तर से टीम भेजकर वास्तविक परिस्थितियों का आकलन करने की बात कही गई। केंद्रीय मंत्री स्वयं भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता, फसलों की स्थिति और किसानों की जरूरतों का जायजा लेकर आवश्यक कदम उठाने पर जोर रहेगा।

कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन को महत्वपूर्ण बताते हुए राज्यों को अपने स्तर पर जल बजट तैयार करने पर विचार करने को कहा गया। उपलब्ध जल संसाधनों के आधार पर फसल चयन और सिंचाई की योजना बनाने से पानी के बेहतर उपयोग में मदद मिल सकती है। रबी सीजन में कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों और वैज्ञानिक सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
देश को दलहन और तिलहन के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए रबी सीजन में चना, मसूर और सरसों जैसी फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। किसानों को बेहतर बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर काम करने की आवश्यकता बताई गई।

केंद्रीय मंत्री ने राज्यों से किसानों के लिए बीज और उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा फसल खरीद की व्यवस्था पहले से तैयार रखने को कहा। खेती के पूरे चक्र को बीज से लेकर बाजार तक मजबूत करने पर जोर दिया गया।समय पर कृषि सामग्री उपलब्ध होने और फसल की उचित खरीद व्यवस्था रहने से किसानों को उत्पादन के दौरान आने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है।
रबी सीजन में भी ‘खेत बचाओ’ अभियान को आगे बढ़ाने की बात कही गई। किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों के इस्तेमाल के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया, जिससे खेती की लागत को नियंत्रित करने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिल सके।
कृषि क्षेत्र में वित्तीय और डिजिटल सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए किसान क्रेडिट और फार्मर आईडी को महत्वपूर्ण बताया गया। इसका उद्देश्य किसानों को संस्थागत वित्तीय सुविधाओं और डिजिटल कृषि व्यवस्था से अधिक प्रभावी तरीके से जोड़ना है।
कृषि व्यवस्था की निगरानी के लिए हर सप्ताह समीक्षा किए जाने पर जोर दिया गया। फसल की स्थिति, संभावित रोग, उत्पादन और बाजार भाव जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की रियल-टाइम जानकारी के आधार पर आवश्यक कदम उठाने की दिशा में राज्यों को काम करने के निर्देश दिए गए। रबी अभियान 2026 के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय के साथ किसानों को समय पर संसाधन, तकनीक और बाजार उपलब्ध कराने की रणनीति पर जोर दिया गया है।