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मुरैना नगर निगम में पार्षदों ने उठाए वित्तीय मामलों पर सवाल, आयुक्त को सौंपा पत्र

मुरैना नगर निगम में पार्षदों ने भुगतान प्रक्रिया, बजट स्वीकृति, वित्त समिति और विकास कार्यों के भुगतान में पारदर्शिता को लेकर आयुक्त को पत्र सौंपा। पार्षदों ने पिछले दो महीनों के भुगतानों की जानकारी सार्वजनिक करने समेत कई मांगें रखीं और मांगें पूरी नहीं होने पर धरने की चेतावनी दी।

By: Nivedita 
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मुरैना नगर निगम में पार्षदों ने उठाए वित्तीय मामलों पर सवाल, आयुक्त को सौंपा पत्र

मुरैना। नगर पालिका निगम मुरैना में वित्तीय और प्रशासनिक मामलों को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाते हुए नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। पार्षदों ने भुगतान प्रक्रिया, बजट प्रावधानों और वित्त समिति से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।

भुगतान प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल

पार्षदों ने मांग की है कि बिना पार्किंग प्रमाणित भुगतान करने वाले कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय करने की मांग भी पत्र के माध्यम से की गई है।

बजट स्वीकृति की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग

पत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से संबंधित स्वीकृतियों और उनके अनुपालन को लेकर भी जानकारी मांगी गई है। पार्षदों ने कहा कि बजट स्वीकृति से संबंधित प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। इसके अलावा पिछले दो महीनों में नगर निगम की ओर से किए गए भुगतानों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

 

किस मद से और किसकी अनुशंसा पर हुआ भुगतान?

पार्षदों ने नगर निगम से यह जानकारी भी मांगी है कि हाल के भुगतानों में किस मद से राशि जारी की गई और संबंधित भुगतान किस अधिकारी या स्तर की अनुशंसा के आधार पर किए गए। उनका कहना है कि भुगतान से जुड़ी जानकारी स्पष्ट होने से वित्तीय प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

वित्त समिति गठित करने की मांग

नगर निगम की वित्तीय व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने वित्त कमेटी घोषित करने की मांग भी रखी है। साथ ही वार्डों में स्वीकृत विकास कार्यों के भुगतान में कथित तौर पर बाहरी लोगों या बिचौलियों की भूमिका पर रोक लगाने की मांग की गई है। पार्षदों का कहना है कि विकास कार्यों से संबंधित भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो धरने की चेतावनी

पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। पत्र में मांगें पूरी होने तक धरने पर बैठने की चेतावनी दी गई है। अब नगर निगम प्रशासन की ओर से पार्षदों द्वारा उठाए गए सवालों और मांगों पर क्या जवाब दिया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

 

रिपोर्ट – बंटी सैमिल 

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