भोपाल। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को भोपाल में प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से निर्वाचन सदन, अरेरा हिल्स तक पैदल मार्च निकाला और निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर विरोध जताया।
प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हुए बदलावों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। पार्टी ने विधानसभा और बूथ स्तर पर मतदाता सूची में हुए बदलावों का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की है। कांग्रेस ने यह भी मांग रखी कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने या अन्य बदलावों से प्रभावित लोगों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाए।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े अपने आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई। प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए संबंधित जानकारियां सार्वजनिक होना जरूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में हुए बदलाव और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित उठ रहे सवालों का जवाब संबंधित संस्थाओं को देना चाहिए। वहीं, इन आरोपों पर निर्वाचन आयोग और सत्तापक्ष की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। चुनाव आयोग की ओर से SIR और आयोग की आंतरिक प्रक्रिया को लेकर अपनी स्थिति रखी गई है।
भोपाल में प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने संकेत दिया है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। पार्टी ने इन विषयों पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को प्रमुखता से उठाने की बात कही है।