गोरखपुर। बाल मेले में बच्चों की प्रतिभा और उत्साह के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें मेहनत, जिज्ञासा और लगातार प्रयास करते रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी रुचि और क्षमता को पहचानकर लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं की विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों की भी सराहना की गई।
कार्यक्रम में छात्राओं की बड़ी भागीदारी देखकर मुख्यमंत्री ने बेटियों को समान अवसर और प्रोत्साहन देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उचित मंच मिलने पर बेटियां शिक्षा, खेल, कला और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन कर सकती हैं। उन्होंने समाज से बेटियों के प्रति पारंपरिक संकोच को दूर करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर उपलब्ध कराने की बात कही।
बच्चों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रतियोगिता में पुरस्कार या पदक मिलना उपलब्धि है, लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में हिस्सा लेना और अनुभव हासिल करना है। उन्होंने बच्चों को असफलताओं से सीखने और अपनी कमियों को दूर करते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पंडित सोहनलाल द्विवेदी की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए निरंतर प्रयास को सफलता की आधारशिला बताया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बच्चों को तकनीक का उपयोग सकारात्मक उद्देश्यों के लिए करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तकनीक कई सवालों के जवाब उपलब्ध करा सकती है, लेकिन अच्छे सवाल पूछने की क्षमता विकसित करने के लिए किताबें पढ़ना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी के समाचार पत्र पढ़ने तथा देश-दुनिया की घटनाओं से जुड़े रहने की भी सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से छुट्टियों में घूमने के साथ-साथ नई जगहों को समझने की आदत विकसित करने को कहा। उन्होंने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पौराणिक स्थलों का भ्रमण कर उनके इतिहास तथा स्थानीय जीवन के बारे में जानकारी हासिल करने की सलाह दी। उन्होंने गोरखपुर के बच्चों को अपने शहर के प्रमुख स्थलों और संस्थानों को भी करीब से समझने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी विषय को समझने की शुरुआत जिज्ञासा से होती है। बच्चों को सवाल पूछने, नई चीजें जानने और अपने आसपास की गतिविधियों को समझने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने पत्रकारिता और अन्य क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग पेशों के काम करने के तरीके को जानना भी बच्चों के ज्ञान और सोच का दायरा बढ़ाता है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में रोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता से जुड़े अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी क्षमता के आधार पर नए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में भी आगे बढ़ें। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) जैसी पहल का जिक्र करते हुए गोरखपुर के टेराकोटा उत्पादों का उदाहरण दिया।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने तथा उनके लिए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने मेजर ध्यानचंद का उदाहरण देते हुए बच्चों से कहा कि संसाधनों की कमी को अपने लक्ष्य के रास्ते में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। लगन और निरंतर अभ्यास से सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि हर विद्यार्थी की अपनी अलग प्रतिभा और रुचि होती है। कोई वैज्ञानिक बनना चाहता है तो कोई खिलाड़ी, कलाकार, उद्यमी या किसी अन्य क्षेत्र में करियर बनाना चाहता है। बच्चों को अपनी क्षमता पहचानकर उसी दिशा में मेहनत करने की सलाह दी गई। बाल मेले के आयोजन को उन्होंने बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। कार्यक्रम में प्रतिभागी छात्र-छात्राओं और उनके शिक्षकों को भी बधाई दी गई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को संदेश दिया कि लक्ष्य कोई भी हो, सफलता के लिए जिज्ञासा, आत्मविश्वास, मेहनत और निरंतर प्रयास को जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।