उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज उज्जैन जिले की झारड़ा तहसील में निर्मित सामाकोटा बैराज का लोकार्पण करेंगे। इस महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र के किसानों को आधुनिक सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी और कृषि उत्पादन को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण करेंगे।
छोटी कालीसिंध नदी पर निर्मित सामाकोटा बैराज परियोजना लगभग 188.42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई है। परियोजना के माध्यम से बड़ी मात्रा में जल संग्रहण की व्यवस्था की गई है, जिससे हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि तक सिंचाई सुविधा पहुंचाई जा सकेगी। आधुनिक पाइपलाइन आधारित सिंचाई प्रणाली के जरिए किसानों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
इस परियोजना से झारड़ा क्षेत्र के 18 गांवों के करीब 11 हजार से अधिक किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। बैराज के संचालन से कृषि क्षेत्र में सिंचाई की बेहतर व्यवस्था होने के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता बढ़ने की भी उम्मीद है। परियोजना के अंतर्गत निर्मित पंप हाउसों के माध्यम से हजारों हेक्टेयर भूमि तक पानी पहुंचाया जाएगा।
सामाकोटा बैराज को क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इससे किसानों की सिंचाई पर निर्भरता मौसम पर कम होगी और उन्हें वर्षभर खेती के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव झारड़ा दौरे के दौरान विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इनमें नए महाविद्यालय भवन, स्कूल भवन, विद्युत उपकेंद्र और कई उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बिजली आपूर्ति को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

सामाकोटा बैराज सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं की कुल लागत 207 करोड़ रुपये से अधिक है। इन कार्यों के पूरा होने से उज्जैन जिले के ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा स्थानीय लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री के दौरे और परियोजनाओं के लोकार्पण को लेकर क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। विशेष रूप से सामाकोटा बैराज से मिलने वाली सिंचाई सुविधा को क्षेत्र के कृषि विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।