वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, अजय जामवाल, डॉ महेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खण्डेलवाल शामिल रहे। बैठक में निर्देश दिए गए कि गेहूं उपार्जन के पहले दिन किसानों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाए।
वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, अजय जामवाल, डॉ महेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खण्डेलवाल शामिल रहे। बैठक में निर्देश दिए गए कि गेहूं उपार्जन के पहले दिन किसानों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाए।
कांग्रेस शहर अध्यक्ष का कहना था कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पा रही है, जिससे किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। मजबूरी में किसान अपनी उपज कम दामों पर बेचने को विवश हैं और बैंक ऋण चुकाने में असमर्थ होने के कारण डिफॉल्टर होते जा रहे हैं।
कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां किसान विरोधी है।
संघ के नेताओं का कहना था कि गेहूं खरीदी में लगातार देरी हो रही है, जबकि कई किसानों के पास अनाज रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और फसल खुले में पड़ी हुई है। आंधी-बारिश के चलते नुकसान हो रहा है।
आठनेर सहित जिले में कई जगहों पर फसल हुई बर्बाद। मक्का के नुकसान से उबर नहीं पाए थे किसान कि गेहूं पर फिर प्रकृति का प्रहार। राहत और ऋण मोहलत की मांग तेज।
मुख्य रूप से मूडरा शेरपुर, ताज खजूरी, दास खजूरी, पीपलखेड़ा कलां, कागपुर और महूठा जैसे गांवों में ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलें बिछ गई हैं। कई स्थानों पर ओलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फसलों को व्यापक क्षति पहुंची है।
हाल ही में हुई ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने खरगोन में टंट्या भील जी की प्रतिमा स्थापना में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए कहा कि ₹10 लाख के बजट के बावजूद मात्र ₹60 हजार की फाइबर प्रतिमा स्थापित की गई थी, जो आदिवासी समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ था। कांग्रेस के विरोध के बाद प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी और अंततः संगमरमर की प्रतिमा स्थापित की गई।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता गजेंद्र सिंह सिसोदिया और ब्लॉक अध्यक्ष मंगल सिंह राजपूत ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि फसल कटकर तैयार है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर खरीदी की रफ्तार बेहद सुस्त है।
नरोत्तम मिश्रा पर पेड न्यूज का मामला इसी विधानसभा का है। अब तक कोई निर्णय नहीं किया निर्मला सप्रे पर विधानसभा ने कोई निर्णय नहीं लिया। बीजेपी अलोकतांत्रिक का कैंसर बन गई है।
पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह सिर्फ पन्ना ही नहीं, बल्कि जबलपुर और झांसी जैसे बड़े शहरों में भी सक्रिय था।
राठौर ने कहा कि आज किसानों की फसल तैयार है, लेकिन उन्हें वारदाना नहीं मिल पा रहा, जिससे किसान खुद को ठगा और छला हुआ महसूस कर रहे हैं।
टीईटी मामले को लेकर विधायक ने कहा कि शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा और इस विषय को संबंधित मंत्री के सामने रखकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
यह बारिश ऐसे समय पर हुई है जब गेहूं समेत कई फसलें पककर तैयार थीं। ऐसे में तूफान और पानी ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेरने का खतरा पैदा कर दिया है।
प्रधानमंत्री द्वारा बांटी गई चार श्रेणियांः किसान, महिला, गरीब और युवा वर्ग। इन सभी के लिए काम कर रही मध्यप्रदेश सरकार- सीएम डॉ. मोहन यादव