शाजापुर ज़िले में रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की सरकारी खरीदी प्रक्रिया में हो रही देरी और अव्यवस्थाओं को लेकर किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। शुक्रवार को जिले के शुजालपुर क्षेत्र अंतर्गत जेठड़ा जोड़ पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सैकड़ों किसानों ने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए मांग की कि गेहूं की तुलाई तत्काल शुरू की जाए और चुनाव के दौरान किया गया ₹3000 प्रति क्विंटल का वादा पूरा किया जाए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया चक्का जाम
पोर्टल और सर्वर के फेर में फंसा किसान शुक्रवार दोपहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और क्षेत्रीय किसान जेठड़ा जोड़ पर एकत्रित हुए और चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता गजेंद्र सिंह सिसोदिया और ब्लॉक अध्यक्ष मंगल सिंह राजपूत ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि फसल कटकर तैयार है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर खरीदी की रफ्तार बेहद सुस्त है। नेताओं का आरोप है कि सर्वर की समस्या और पोर्टल न खुलने के कारण हजारों किसान अपनी उपज लेकर मंडियों और केंद्रों के बाहर कड़ाके की धूप में इंतजार करने को मजबूर हैं।
वाटर कैनन से पुलिस की कार्रवाई
पानी की बौछार से तितर-बितर हुई भीड़ चक्काजाम के कारण शुजालपुर-आष्टा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को बिगड़ता देख भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जब प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस की इस सख्ती के बाद चक्काजाम खुलवाया जा सका।
गेंहूं का उचित दाम नहीं मिला तो होगा आंदोलन
वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री रचना जैन ने तीखे लहजे में कहा, “सरकार चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन जब किसान को उसकी मेहनत का दाम देने की बारी आती है, तो प्रशासन पोर्टल और सर्वर के पीछे छिप जाता है।” कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुचारू रूप से खरीदी शुरू नहीं हुई और किसानों को उचित दाम नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
शाजापुर से संवाददाता दिलीप सौराष्ट्रीय की रिपोर्ट